- प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत जांच व परामर्श
- एनीमिया, हाई बीपी सहित जोखिम वाली महिलाओं को विशेष निगरानी
भारतभारी। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा पर शुक्रवार को गर्भवतियों के लिए स्वास्थ्य परीक्षण शिविर का आयोजन किया गया। अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी के नेतृत्व में आयोजित इस शिविर में प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान के तहत 54 गर्भवतियों की जांच की गई और उन्हें आवश्यक उपचार व परामर्श दिया गया।
जांच के दौरान सात महिलाओं को उच्च जोखिम (हाई-रिस्क) श्रेणी में चिह्नित किया गया, जिनमें मुख्य रूप से खून की कमी (एनीमिया) पाई गई। अधीक्षक डॉ. विकास चौधरी ने बताया कि उच्च जोखिम के प्रमुख कारणों में उच्च रक्तचाप, भ्रूण की असामान्य स्थिति, गंभीर एनीमिया और प्लेसेंटा से जुड़ी समस्याएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे शिविरों का उद्देश्य गर्भावस्था के शुरुआती चरण में ही जोखिम के लक्षणों की पहचान कर समय रहते उपचार और जरूरत पड़ने पर उच्च चिकित्सा केंद्रों के लिए रेफर करना है, ताकि जच्चा और बच्चा दोनों सुरक्षित रह सकें। शिविर में खून व पेशाब की जांच के साथ आयरन, फोलिक एसिड, कैल्शियम की दवाएं और एल्बेंडाजोल का वितरण किया गया। महिला चिकित्सक डॉ. रेखा सिन्हा ने गर्भवतियों की जांच कर उन्हें समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की सलाह दी।
इस दौरान स्टाफ नर्स रीता गौतम, राधा, रजनी सिंह, शारदा, वंदना, सुनीता, रीता दिवाकर सहित स्वास्थ्य विभाग की टीम मौजूद रही।