संवाद न्यूज एजेंसी
गायघाट (बस्ती)। विकासखंड कुदरहा के ग्राम पंचायत मसूरिहा में एडीओ पंचायत की देखरेख में संविलियन विद्यालय में बृहस्पतिवार को खुली बैठक हुई।
ग्रामीणों ने उचित दर विक्रेता के रूप में सर्वसम्मत से उजाला स्वयं सहायता समूह का हाथ उठाकर समर्थन देते हुए चयन किया। पत्नी के प्रधान चुने जाने के बाद कोटा निरस्त कर दिया गया था। लगभग साढ़े तीन वर्षों तक मसूरिहा के कार्ड धारकों को राशन लेने दैजी जाना पड़ता था।
बृहस्पतिवार को संविलियन विद्यालय मसूरिहा में उचित दर विक्रेता के चयन के लिए ग्रामीणों की खुली बैठक बुलाई गई। एडीओ पंचायत सुभाष चंद्र, एडीओआईएसबी देवेंद्र प्रसाद यादव, बीएमएम अमरनाथ, सचिव घनश्याम और ग्राम प्रधान आशा देवी के देखरेख में बैठक में गांव के सक्रिय कृष्णा स्वयं सहायता समूह उजाला स्वयं सहायता समूह और वैष्णवी स्वयं सहायता समूह ने उचित दर विक्रेता की दुकान चलाने के लिए दावेदारी की थी।
एडीओ पंचायत सुभाष चंद्र सभी को कोटा चैन के लिए नियम व शर्तें पढ़ कर सुनाया। उसके बाद समूहों के चयन के लिए हाथ उठाकर समर्थन देने को कहा, उजाला स्वयं सहायता समूह के पक्ष में ग्रामीणों का समर्थन देख अन्य दो समूहों ने भी सर्वसम्मति से अपना समर्थन देकर उचित दर विक्रेता के रूप में चयन किया।
लगभग लगभग साढ़े तीन साल पहले पत्नी आशा देवी के प्रधान चुने जाने पर कोटेदार धर्मेंद्र कुमार को इस्तीफा देना पड़ा था और कोटा दैजी गांव से संबंध कर दिया गया था।