वैष्णोपुर की रामलीला
कलवारी। बहादुरपुर ब्लॉ क्षेत्र के वैष्णोपुर में नव युवक रामलीला समिति के नेतृत्व में चल रहे रामलीला में छठे दिन शनिवार की रात कलाकारों ने राम वनवास की लीला का मंचन किया। वन गमन का दृश्य देख दर्शकों की आंखों में आंसू आ गए।
कलाकारों ने दिखाया कि विवाह के बाद जनकपुर से अयोध्या वापस आने पर श्रीराम के राजतिलक की तैयारी होने लगी। उधर, मंथरा के बहुत समझाने के बाद कैकेई ने राजा दशरथ से दो वरदान मांगा। पहला भरत का राज्याभिषेक तथा दूसरा श्रीराम को 14 वर्ष का वनवास। राजतिलक की जगह भगवान को वनवासी भेस में वन जाते देख पंडाल में उपस्थित दर्शकों के आंखों मे आंसू आ गए।
माता-पिता की आज्ञा व राजधर्म का पालन करते हुए श्रीराम, लक्ष्मण व सीता वनवासी भेस में अयोध्या से निकले तो अयोध्या वासी भी साथ चल पड़े तथा कैकेई को कोसने लगे। श्रीराम ने समझाते हुए कहा कि आप लोग वापस लौट जाएं, दुखी न हों, विधि के विधान को टाला नहीं जा सकता। संवाद