बस्ती। मौसम में उतार-चढ़ाव के बीच मौसमी बीमारियों का असर बढ़ने लगा है। गले में खराश, सर्दी-जुकाम, तेज बुखार और खांसी से पीड़ित मरीज अस्पताल पहुंच रहे हैं। सांस संबंधी परेशानी के मामले भी सामने आ रहे हैं। बुधवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 928 से अधिक मरीज पहुंचे। इनमें सर्दी-जुकाम, गले में खराश और बुखार से पीड़ित मरीजों की संख्या अधिक रही। सांस लेने में परेशानी होने पर मेडिकल वार्ड में आठ और इमरजेंसी में पांच मरीजों को भर्ती करना पड़ा।
चिकित्सकों के अनुसार, कई मरीजों में गले में खराश और सर्दी-जुकाम से बीमारी की शुरुआत हो रही है। इसके बाद तेज बुखार, सूखी खांसी, सिरदर्द और शरीर में दर्द की शिकायत सामने आ रही है। बच्चों में भी संक्रमण और सांस संबंधी परेशानी देखी जा रही है।
फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि मौसम में बदलाव के दौरान लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। सर्दी-जुकाम और गले में खराश की शिकायत होने पर लापरवाही न करें। परेशानी बढ़ने पर चिकित्सक से परामर्श लें और मौसम के अनुकूल रहन-सहन रखें।
महिला अस्पताल के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. रामललित चौधरी ने बताया कि बच्चों में गले में खराश, सर्दी-जुकाम, बुखार और सूखी खांसी की शिकायतें सामने आ रही हैं। कुछ बच्चों में बुखार कई दिनों तक बना रह रहा है। ऐसे में अभिभावकों को बच्चों की सेहत पर नजर रखनी चाहिए और परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेनी चाहिए। बुजुर्गों में भी सांस की तकलीफ बढ़ी है। यह ठंड-गर्म के मौसम के चलते हो रहा है। इधर धूल-धुआं के चलते भी संक्रमण फैल रहा है। जिला महिला अस्पताल में भी 46 बच्चों को डॉ. राम ललित ने परामर्श दिए।
चिल्ड्रेन वार्ड में 14, पीआईसीयू में छह बच्चे भर्ती
जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में सामान्य बुखार, उल्टी-दस्त और पेट दर्द से पीड़ित 14 बच्चे भर्ती हैं। वहीं, पीआईसीयू में तेज बुखार, झटके और सांस संबंधी परेशानी से पीड़ित छह बच्चों का इलाज चल रहा है। इन बच्चों की निगरानी डॉ. अनिल कुमार शर्मा कर रहे हैं। चिकित्सकों के अनुसार, बदलते मौसम में बच्चों को निमोनिया का खतरा भी हो सकता है।
दवाओं की पर्याप्त उपलब्धता का दावा
जिला अस्पताल के प्रभारी एसआईसी डॉ. आलोक पांडेय ने बताया कि अस्पताल में दवाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध हैं। आने वाले मरीजों की जांच कर उन्हें जरूरत के अनुसार दवाएं दी जा रही हैं।