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Basti News: शिक्षक सेवानिवृत्त हुए तो स्कूल भी हो गए बंद, अनुदानित विद्यालयों से बच्चों की पढ़ाई खिसकी

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बस्ती। समाज कल्याण विभाग से संचालित तीन अनुदानित विद्यालयों में वर्षों से नई नियुक्ति न होने और तैनात शिक्षकों की सेवानिवृत्ति से शिक्षण व्यवस्था लड़खड़ा गई है। एमडीएम और डीबीटी राशि बंद हो गई। दो विद्यालयों के बच्चों को पास के प्राथमिक विद्यालयों में मर्ज कर दिया गया, जबकि तीसरा विद्यालय प्रबंधन के भरोसे चल रहा है। कभी इन तीन विद्यालयों में कुल 125 बच्चे पढ़ते थे।
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बड़ेवन के पास स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर शिक्षा निकेतन वर्ष 1972 के आसपास अनुदानित विद्यालय बना था। यहां चार शिक्षक तैनात थे और कक्षा पांच तक पढ़ाई होती थी। वर्ष 2024 में शिक्षक सेवानिवृत्त हुए तो दूसरे विद्यालय के शिक्षक ने जिम्मेदारी संभाली, लेकिन वह भी 2025 में सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद विद्यालय में एमडीएम और बच्चों को डीबीटी से मिलने वाली ड्रेस व स्टेशनरी की राशि बंद हो गई। वर्ष 2025 में यहां 41 बच्चे थे, जिन्हें आसपास के प्राथमिक विद्यालयों में मर्ज कर दिया गया।
विद्यालय अब बदहाली की तस्वीर बन चुका है। भवन के दो कमरों में से एक की खिड़की गायब है। कमरों में गंदगी, पानी की खाली बोतलें और चिप्स के पैकेट पड़े हैं। दूसरे कमरे में गांधीजी की तस्वीर फर्श पर पड़ी है। खुले संदूक में अभिलेख असुरक्षित पड़े हैं। चटाई और व्हाइट बोर्ड धूल फांक रहे हैं। परिसर में घास-फूस उग आई है।
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रैपुरा जंगल के पास चंद्रशेखर आजाद शिक्षा सदन में तैनात शिक्षक वर्ष 2025 में सेवानिवृत्त हुए। इसके बाद एमडीएम और डीबीटी की राशि बंद हो गई और यहां पढ़ने वाले 20 बच्चों को पास के प्राथमिक विद्यालय में शिफ्ट कर दिया गया।
भिटिया स्थित गायत्री ज्ञान मंदिर की स्थिति थोड़ी अलग है। यहां तैनात शिक्षक रामफेर यादव के अनुसार उनकी नियुक्ति वर्ष 1980 में हुई थी और मार्च 2026 में वह सेवानिवृत्त हो गए। इसके बाद एमडीएम और डीबीटी का पैसा आना बंद हो गया। विद्यालय में लंबे समय से कोई नया शिक्षक तैनात नहीं हुआ। फिलहाल विद्यालय प्रबंधन के स्तर से संचालित किया जा रहा है। यहां एमडीएम बंद होने के समय 64 बच्चे थे।
इनसेट
शिक्षक नहीं आए तो विभाग ने संचालन से किया किनारा
जिला समाज कल्याण अधिकारी लाल जी यादव ने बताया कि शासन स्तर से लंबे समय से इन विद्यालयों में शिक्षकों की नियुक्ति नहीं हुई। पहले से तैनात शिक्षक सेवानिवृत्त हो गए। इसलिए बेसिक शिक्षा विभाग को पत्र भेजकर अवगत कराया गया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से इन विद्यालयों का संचालन अब नहीं किया जा रहा है। इसके बाद बेसिक शिक्षा विभाग ने एमडीएम और डीबीटी की राशि भेजना बंद कर दी।
इनसेट
विभाग के पत्र के बाद बंद हुआ एमडीएम-डीबीटी
डीसी एमडीएम अमित मिश्र ने बताया कि समाज कल्याण विभाग की ओर से पत्र भेजकर बताया गया था कि तीनों अनुदानित विद्यालय अब उनके विभाग की ओर से संचालित नहीं हो रहे हैं। इसके बाद विद्यालयों के खातों में एमडीएम और डीबीटी की रकम भेजनी बंद कर दी गई।
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