एआरटीओ ने विद्यालय प्रबंधन को पत्र भेजकर दिया निर्देश
सेफ्टी गार्ड लगने पर गाड़ी से कोई अंग बाहर नहीं निकाल पाएंगे बच्चे
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। स्कूली वाहनों की खिड़कियों में अब सेफ्टी गार्ड लगाना अनिवार्य होगा है। ताकि बच्चे अपना कोई अंग बाहर न निकाल सकें। इसके लिए एआरटीओ पंकज सिंह ने सभी विद्यालय प्रबंधन को पत्र भेजकर 15 दिन की मोहलत दी है। साथ ही, कहा है कि तय समय सीमा मेंं सेफ्टी गार्ड नहीं लगवाने वाले वाहन सड़कों पर फर्राटा नहीं भर पाएंगे।
शिक्षा का व्यावसायीकरण संबंधी जांच समिति के निर्देशानुसार एआरटीओ ने जिले के सभी विद्यालय प्रबंधन को पत्र भेजकर निर्देशित किया है कि वाहनों की खिड़कियों पर विद्यार्थियों की सुरक्षा के लिए सेफ्टी गार्ड लगाना अनिवार्य कर दिया गया है। यह प्राविधान उत्तर प्रदेश मोटरयान नियमावली के 26वें संशोधन के तहत किया गया है। कहा है कि कई वाहनों में यह पाया गया है कि खिड़कियों में तीन या चार रॉड लगे रहते हैं और ऊपर का स्थान खाली रह जाता है। इससे किसी भी विद्यार्थी का सिर बाहर निकलने से हादसा हो सकता है।
मानकों के अनुसार स्कूली वाहनों की खिड़कियों पर सुरक्षा के लिए सेफ्टी गार्ड का होना जरूरी है। ताकि किसी भी विद्यार्थी का सिर अथवा कोई भी अंग बाहर न निकलने पाए एआरटीओ पंकज सिंह ने बताया कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर विभाग व शासन गंभीर है। लिहाजा इसमें लापरवाही करने वाले स्कूल संचालकों पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी।