बस्ती। सरयू नदी का जलस्तर रविवार से घटने लगा है। नदी 10 सेंटीमीटर नीचे आ गई है। लेकिन, लाल निशान से नदी का जलस्तर अब भी 42 सेंटीमीटर ऊपर है। बाढ़ का खतरा बना हुआ है। तटबंधों पर दबाव बरकरार है। इससे ग्रामीणों को कटान का खतरा सताए हुए है। वह डरे-सहमे हैं। प्रशासन की ओर मदद के लिए नजर लगाए हुए हैं।
विक्रमजोत, दुबौलिया, कुदरहा ब्लॉक के दो दर्जन तटवर्ती गांवों में दुश्वारियां बरकरार है। मैरूंड गांव सुविकाबाबू और पानी से घिरे टेढ़वा आंशिक में अभी भी नागरिकों का आवागमन बाधित है।
रविवार को नदी का जलस्तर कम होने की सूचना पर ग्रामीणों ने थोड़ी राहत की सांस ली है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के अनुसार शाम पांच बजे जलस्तर 93.150 मीटर पर दर्ज किया गया है। यह लाल निशान 92.730 मीटर से 42 सेंटीमीटर ऊपर है।
बाढ़ प्रभावित इलाकों में स्वास्थ्य टीम भी पहुंच कर लोगों को संक्रमण से बचाव के लिए प्रेरित कर रही है। क्लोरीन समेत अन्य दवाएं वितरित की जा रही है। सीएचसी दुबौलिया की टीम अलर्ट मोड में है।
बाढ़ का पानी एकत्र होने से कटान का खतरा : एलवी तटबंध से सटे बाढ़ प्रभावित गांव भरथापुर, कल्याणपुर और संदलपुर सहित बीडी तटबंध से सटे कन्हईपुर खेमराजपुर, बड़ागांव, बेतावा, नरसिंहपुर, पकड़ी गांव के समीप बाढ़ का पानी एकत्र हो गया है। यहां आने जाने में कठिनाई हो रही है। ग्रामीण नाव के सहारे या पानी में घुसकर आ- जा रहे हैं। वहीं कटान का भी खतरा बना हुआ है।