बस्ती। 39 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) में रविवार को मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। अधिकतर पीएचसी में एलोपैथ के डॉक्टर नहीं आए। इससे मरीजों को परेशानी हुई। पीएचसी में फार्मासिस्ट और आयुष डॉक्टर उपचार का इंतजाम संभालते दिखे। तमाम मरीज बिना उपचार के लौट गए। मरीजों का कहना था कि इलाज के नाम पर खानापूरी की जा रही है।
स्वास्थ्य मेले में सर्वाधिक रोगी सर्दी-खांसी और बुखार के आए। कई मरीजों ने उल्टी-दस्त और पेट में मरोड़ की शिकायत की। उन्हें पैरासिटामाल की गोली देकर और ब्लड जांच करके भेज दिया गया है। मरीजों ने बताया कि हर मेले में डॉक्टरों की कमी खलती है। ओपीडी सुविधा सिर्फ कहने के लिए है। वायरल बुखार के संदिग्ध मरीजों का ब्लड सैंपल लिया गया।
नगरीय पीएचसी नरहिरया में डॉ. आरपी सिंह ने 46 मरीजों का उपचार किया। बताया कि वायरल बुखार के मरीज अधिक आए थे। त्वचा रोगी और बच्चों में दाने निकलने और नाक बहने की शिकायतें थीं। पीएचसी बरदहिया में डॉ. सोनू कुमार ने 49 मरीजों की जांच की और उन्हें दवाएं दीं। अर्बन नोडल डॉ. बृजेश शुक्ल ने बताया कि दोनों पीएचसी में पहुंचे मरीजों की जांच कर दवाएं दी गईं।
हर्रैया प्रतिनिधि के अनुसार, पीएचसी काशीपुर, पीएचसी बेलभरिया रामगुलाम और पीएचसी इंदौली में आरोग्य मेले का आयोजन हुआ। वाल्टरगंज प्रतिनिधि के अनुसार, चिकित्साधिकारी ने बताया कि वायरल फीवर, त्वचा रोग, खांसी के मरीज आए। बनकटी प्रतिनिधि के अनुसार, मरीजों की जांच कर चिकित्सक ने दवाएं दीं। कलवारी प्रतिनिधि के अनुसार, सीीएचसी बहादुरपुर में 39 मरीजों का इलाज किया गया। डॉ. निर्मला शुक्ला ने बताया कि बुखार, जुकाम, सर्दी, खांसी, हड्डी दर्द, त्वचा रोग, उल्टी दस्त रोगी आए थे। दवा दी गई। बचाव के तरीके भी बताए गए। फार्मासिस्ट एके दीक्षित ने दवा वितरित की। लैब टेक्नीशियन राजेश यादव ने ब्लड जांच की। स्टाफ नर्स कल्पना ने सहयोग किया। वार्ड ब्वॉय दीपचंद और स्वीपर रमजान अली मौजूद रहे।