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Basti News: माझा में फैलने लगा सरयू का पानी, खतरा बढ़ा

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कुदरहा क्षेत्र के मदरहवा पुरवे पर किया जा रहा बचाव कार्य। संवाद
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बस्ती। लगातार हो रही बारिश के बीच सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ने लगा है। नदी का पानी अब माझा क्षेत्र में फैलने लगा है, जिससे तटवर्ती गांवों में बाढ़ का खतरा गहरा गया है। कुदरहा और विक्रमजोत क्षेत्र के कई गांवों में नदी आबादी के करीब पहुंच गई है, जबकि कुछ स्थानों पर हल्की कटान भी शुरू हो गई है। इससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। उधर, बाढ़ खंड की टीम संवेदनशील स्थानों पर कटानरोधी कार्य में जुटी हुई है। कुदरहा क्षेत्र के मईपुर, मदरहवा, महुआपार खुर्द समेत कई गांवों के किनारे सरयू नदी प्रवाहित हो रही है। वहीं विक्रमजोत ब्लॉक के लकड़ी, पकड़ी संग्राम, बघुआपार और अर्जुनपुर सहित तटबंधविहीन गांवों में भी नदी आबादी क्षेत्र के नजदीक पहुंच गई है। दुबौलिया ब्लॉक के कटरिया-चांदपुर तटबंध पर भी नदी का दबाव लगातार बढ़ रहा है। कलवार-रामपुर तटबंध और सरयू नदी के बीच बसे कुदरहा क्षेत्र के चार-पांच गांवों पर एक बार फिर बाढ़ का संकट मंडराने लगा है। नदी का पानी तेजी से खेतों में फैल रहा है, जिससे सब्जी सहित अन्य फसलें डूबकर नष्ट होने लगी हैं। मईपुर और मदरहवा पुरवा में नदी आबादी से सटकर बह रही है। पिछले वर्ष की तबाही को याद कर ग्रामीण कटान को लेकर सहमे हुए हैं। बाढ़ खंड की टीम गांवों में लगातार निगरानी कर रही है। संवेदनशील स्थलों पर कटान रोकने के लिए बालू से भरी बोरियां और अन्य कटानरोधी सामग्री डाली जा रही है। माझा फूलपुर, महुआपार कला और महुआपार खुर्द के सिवान की बड़ी मात्रा में कृषि भूमि पहले ही जलमग्न हो चुकी है।
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सोमवार को क्षेत्रीय विधायक दूधराम ने मईपुर गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने बाढ़ खंड के अधिकारियों को लगातार निगरानी रखने और बचाव कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। पिछले वर्ष इस गांव के घरों को कटान से बचाने के लिए करीब 35 करोड़ रुपये की लागत से डैंपनर का निर्माण कराया गया था। हालांकि ग्रामीणों का कहना है कि कुछ स्थानों पर दो डैंपनरों के बीच अधिक दूरी होने से कटान का खतरा बना हुआ है।
2024 की तबाही अब भी नहीं भूले ग्रामीण : ग्रामीण पंकज, लक्ष्मी, सहतू, रामरूप और घनश्याम ने बताया कि नदी के किनारे जरा-सी हलचल भी पिछले वर्ष की भयावह तबाही की याद ताजा कर देती है। वर्ष 2024 में सरयू ने करीब दो किलोमीटर तक कटान करते हुए गांव तक पहुंचकर भारी नुकसान पहुंचाया था। उस दौरान मदरहवा पुरवा के करीब 10 और मईपुर के 15 मकान नदी में समा गए थे। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इस बार जलस्तर और बढ़ा तो स्थिति और भयावह हो सकती है।
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नदी का पानी फैलने से बर्बाद हो रहीं फसलें : कुदरहा। कलवारी-रामपुर तटबंध के दक्षिण स्थित माझा क्षेत्र के बैड़ारी एहतमाली, हरखौलिया उर्फ मटियरिया, चिलवनिया, माझा खुर्द और टेंगरिहा राजा समेत कई गांवों पर बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। सरयू नदी का पानी अब इन गांवों के खेतों तक पहुंच चुका है। जिससे किसानों की खड़ी धान और गन्ने की फसलें जलमग्न हो गई हैं। फसलों के डूबने से किसानों की मेहनत पर पानी फिर गया है।
उन्हें आर्थिक नुकसान की आशंका सता रही है। चारो तरफ पानी भरने से पशुपालकों के सामने चारे का भी संकट है। ग्रामीण राहत कार्यों में तेजी लाने और प्रशासन से सुरक्षित स्थानों पर विस्थापन एवं पशुओं के लिए चारे की तत्काल व्यवस्था करने की मांग कर रहे हैं।
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