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Basti News: सरयू उफनाई... लाल निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर हो रही प्रवाहित

Thu, 17 Aug 2023 01:28 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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बस्ती/दुबौलिया। सरयू नदी उफनाई हुई है। इधर, तीन दिनों से नदी का जलस्तर तेजी के साथ बढ़ रहा है। नदी लाल निशान से 49 सेंटीमीटर ऊपर प्रवाहित हो रही है। इससे नदी और तटबंध के बीच बसे पांच गांवों में बाढ़ ने फिर से दस्तक दे दी है। यहां का जनजीवन अस्त-व्यस्त है। नाव के सहारे जिंदगी हो गई है। इन गांवों के प्रत्येक नागरिक के सामने रहने खाने की मुसीबत है।
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विभिन्न बैराजों से पानी छोड़े जाने के कारण नदी का जलस्तर बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार बुधवार को नदी खतरे के निशान 92.73 मीटर से 49 सेंटीमीटर ऊपर 93.220 मीटर पर प्रवाहित हो रही है। दुबौलिया क्षेत्र के विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, आंशिक टेढवा, सुविका बाबू तथा नदी उस पार की देवारागंगबरार की आबादी, कुर्मियाना आदि गांव अभी पिछले सप्ताह बाढ़ से घिर गए थे। प्रशासन ने विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती, टेढवा, सुविका बाबू गांव के नागरिकों में राहत सामाग्री का पैकेट भी वितरित करवा दिया था। मवेशियों सहित तटबंध पर आए विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के ग्रामीण अपने घरों को लौट गए थे। सुविका बाबू गांव जाने वाले रास्ते से पानी भी उतर गया था। उम्मीद थी कि इन गांवों की स्थिति सामान्य हो जाएगी। लेकिन सोमवार की रात से जलस्तर में बढ़त दर्ज की जाने लगी। तीन दिनों के भीतर सुविका बाबू गांव फिर से टापू में तब्दील हो गया। यहां प्रशासन द्वारा फिर से एक मोटर बोट व 6 नाव लगाए गए हैं। इन्हीं के सहारे गांव के लोग तटबंध तक पहुंच रहे हैं। गांव के बच्चे मोटर बोट से जैसे तैसे स्कूल पहुंच रहे हैं। सुविका गांव की गोमती ने बताया की घरों में पानी घुसने लगा है। देवलाल ने बताया कि अभी चार पांच दिन पहले ही पानी खिसका था। इधर फिर पूरा गांव जलमग्न हो गया है। पूरी फसल डूबकर बर्बाद हो रही है। पशु चारे का संकट भी खड़ा हो गया है। विशुनदासपुर अनुसूचित बस्ती के अर्जुन ने बताया कि पानी तेजी से बढ़ रहा है। इसलिए तटबंध पर मवेशियों के साथ रहना मजबूरी है। इस गांव की पूजा ने बताया कि अभी चार दिन पहले तटबंध से घर लौट थे बाढ़ ने फिर गृहस्थी उजाड़ दी। गांव के रास्ते पर भी पानी भर गया है। इसके अलावा अशोकपुर ग्राम पंचायत के कई पुरवे, बरदियालोहार ग्राम पंचायत के कई पुरवे, पूरेमोतीराम, रंजीत नगर, सरवरपुर, पाहीमाफी बानेपुर, टकटकवा, मोजपुर आदि निकटवर्ती गांवों की तरफ बाढ़ का पानी फैल रहा है।

तटबंध पर बढ़ा दबाव
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव के सामने तक दबाव बना हुआ है। कटरिया गांव के सामने ठोकर नंबर एक पर भी दबाव बरकरार है। गौरा-सैफाबाद तटबंध पर टकटकवा से लेकर दलपतपुर गांव के सामने तक नदी का दबाव बना हुआ है।
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विभिन्न बैराजों से छोड़ा गया पानी

बुधवार को गिरिजा बैराज से 170505, शारदा बैराज से 149878, सरयू बैराज से 3213 क्यूसेक पानी छोड़ा गया है। यदि बैराजों से पानी छोड़े जाने का सिलसिला दो तीन इसी तरह से बना रहा तो सरयू नदी तबाही का कारण बन जाएगी। गौरा-सैफाबाद तटबंध के अवर अभियंता विजय प्रकाश ने बताया कि तटबंध पर लगातार निगरानी रखी जा रही है।


मैरूंड होने के कगार पर पहुंचे गांव
विक्रमजोत। सरयू का जलस्तर अचानक बढ़ने से विक्रमजोत ब्लॉक के आधा दर्जन तटबंधविहीन गांव मैरूंड होने के कगार पर पहुंच गए हैं। ग्रामीण दहशत में हैं। उनकी रोजमर्रा की जिंदगी मुसीबतों से घिर गई है। बाढ़ प्रभावित कल्यानपुर, भरथापुर, सहजौरा समेत दर्जन भर गांव के सिवान में चारों ओर नदी का पानी भर गया है। यदि नदी का जलस्तर और बढ़ा तो पानी घरों में घुसने लगेगा। कल्यानपुर भरथापुर को फूलडीह गांव से जोड़ने वाले मार्ग पर नदी का पानी करीब डेढ़ फुट ऊपर होकर बह रहा है। ग्रामीण पानी में घुसकर आ- जा रहे हैं। बाढ़ खंड व प्रशासनिक अमला अभी इन प्रभावित गांवों का हाल जानने भी नहीं पहुंचा। पखवाड़े भर पहले भरथापुर गांव में हुई कटान की रोकथाम के लिए बाढ़ खंड ने सिर्फ मिट्टी से भरी कुछ बोरियां डालकर कर पल्ला झाड़ लिया है। जिससे कुछ मार्ग नदी की धारा में विलीन होने के कगार पर है। जिम्मेदारों की लापरवाही का खामियाजा ग्रामीणों को भुगतना पड़ रहा है।
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