विक्रमजोत क्षेत्र में कटान करती सरयू नदी।
विक्रमजोत। सरयू नदी फिर उफना रही है। बृहस्पतिवार को नदी का जलस्तर चेतावनी बिंदु को लांघकर लाल निशान के करीब पहुंच गया। इससे नदी का फासला केवल सेंटीमीटर में बचा है। वहीं कटान भी थमने का नाम नहीं ले रहा है। क्षेत्र की सैन्य भूमि और पड़ाव के पास कटान जारी है। बाढ़ खंड की टीम बचाव कार्य में जुटी है। ग्रामीणों का कहना है कि अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है। कभी भी बाढ़ आ सकती है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के जलकर्मी राम तिलक ने बताया कि बृहस्पतिवार को शाम 4 बजे सरयू नदी का जलस्तर 92.68 मीटर पर रिकाॅर्ड किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 से महज 5 सेंटीमीटर कम है। जबकि चेतावनी बिंदु से 91.73 मीटर से नदी 95 सेंटीमीटर ऊपर बह रही है। जलस्तर में आंशिक वृद्धि के बाद नदी स्थिर है।
जलस्तर बढ़ने से एक बार तटवर्ती गांवों में हलचल बढ़ गई है। विक्रमजोत विकास क्षेत्र के बीडी तटबंध पर अर्जुनपुर, पकड़ी संग्राम व एलबी तटबंध के रानीपुर कठवनियां, केशवपुर के अलावा कल्यानपुर के पास स्थित सैन्य पड़ाव की भूमि व आबादी क्षेत्र की ओर नदी तेजी से कटान करने लगी है। अवर अभियंता आरके नायक ने बताया कि विक्रमजोत-धुसवा तटबंध पर पकड़ी संग्राम में नदी का दबाव ज्यादा है। रैंप के आसपास कटान हो रहा है। कटान प्वाइंट पर परक्यूपाइन और गैरिबियानरोप में ब्रिक रोड़ा भरी बोरियां डालकर कटान रोधी कार्य कराए जा रहे हैं।
वहीं लोलपुर-विक्रमजोत तटबंध पर पड़ाव स्थित सैनिक भूमि पर कटान को रोक लिया गया है। धारा का रुख अब भी आबादी की ओर है। उसकी लगातार निगरानी हो रही है। आवश्यक बचाव कार्य कराए जा रहे हैं। बृहस्पतिवार को बाढ़ चौकी घघौवा पर अवर अभियंता आरके नायक, राजेश श्रीवास्तव, गौरव सिंह ड्यूटी पर मुस्तैद रहे।