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Basti News: 978 निराश्रित, दिव्यांग और आपदा प्रभावितों के सिर पर होगी छत...प्रस्ताव भेजा

Fri, 15 Aug 2025 01:08 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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दुबौलिया ब्लॉक के देवारागंगबरार गांव का आवास विहीन परिवार
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बस्ती। जिले के 978 गरीबों को पक्की छत देने की तैयारी है। सीडीओ की ओर से शासन को प्रस्ताव भेजा गया है। प्रस्ताव के माध्यम से मुख्यमंत्री आवासों की मांग की गई है। मंजूरी मिलने के बाद निराश्रित, दिव्यांग और दैवीय आपदा से प्रभावित परिवार के सिर पर छत होगी। इससे वे ठंडी, गर्मी, बरसात में सुकून से रह सकेंगे।
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जिले में तमाम ऐसे लोग हैं जिनके पास सिर छुपाने के लिए छत नहीं है। या फिर उनके घर बाढ़ की भेंट चढ़ चुके हैं। ऐसे लोगों को आशियाना मुहैया कराने के लिए जिले से प्रस्ताव तैयार कर शासन को भेजा गया है। सीडीओ सार्थक अग्रवाल ने बताया कि जिले में मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत 978 आवासों का लक्ष्य निर्धारित कर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलने पर आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। प्रयास है कि कोई भी परिवार आवास विहीन न हो।
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पहले चरण में इन लोगों का हुआ चयन
पीडी डीआरडीए राजेश कुमार ने बताया कि प्राकृतिक आपदा से पीड़ित लोगों के लिए मुख्यमंत्री आवासों की मांग की गई हैं। साथ ही कुष्ठ रोग से ग्रसित लोगों व घुमंतू जातियों के लिए आवास की मांग हुई है। दिव्यांगों सहित अनुसूचित जाति के लोगों के लिए भी प्रस्ताव भेजा गया है। जनरल में भी लक्ष्य मिला है, उसके सापेक्ष चयन कर सूची शासन को भेज दी गई है। वहीं, पति की मृत्यु के बाद निराश्रित हुईं 18 से 40 वर्ष की महिलाओं के लिए भी आवास का प्रस्ताव भेजा गया है। शासन से स्वीकृति मिलते ही श्रेणीवार पात्र लाभार्थियों को पक्के आवास मुहैया कराए जाएंगे।
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दुबौलिया, विक्रमजोत, कुदरहा, बहादुरपुर में विस्थापित हुए हैं लोग
बाढ़ की विभीषिका झेल कर विस्थापित हुए लोगों में अधिकतर दुबौलिया ब्लॉक, विक्रमजोत, कुदरहा और बहादुरपुर के हैं। बाढ़ प्रभावित लोगों ने बताया कि पूर्व में दर्जनों परिवारों को यह कहकर बाढ़ से निकालते हुए उन्हें बांध पर विस्थापित कराया गया था कि जल्द ही आवास मिलेगा। इसके लिए प्रस्ताव भेजा भी गया है। हालांकि, अभी उनके सिर पर छत नहीं मिल सकी है। इससे मौसम में उन्हें कठिनाई झेलनी पड़ रही है। दुबौलिया ब्लॉक के देवारागंगबरार की कटान पीड़ित सरोज देवी को आजतक आवास नहीं मिल सका है। परिवार विस्थापित होकर बंधे पर संपर्क मार्ग पर पालीथिन, झोपड़ी डालकर गुजर-बसर कर रहा है। परिवार के लोग आवास के लिए टकटकी लगाए हैं।
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इस प्रकार मिलता है आवास का पैसा
जिले में चयनित लाभार्थी को मुख्यमंत्री आवास योजना के तहत तीन किश्तों में एक लाख 20 हजार रुपये की धनराशि शासन की ओर से दी जाती है। जिसमें नींव के लिए 40 हजार रुपये पहली किस्त, छत के लिए 70 हजार रुपये दूसरी किस्त, 10 हजार रुपये प्लास्टर फिनिशिंग के लिए तृतीय किस्त के रूप में दिए जाते हैं।
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मजदूरी व शौचालय के लिए अलग से दी जाती है रकम
मुख्यमंत्री आवास योजना ग्रामीण में पक्की छत के लिए तीन किस्तों में 1,20,000 रुपये की धनराशि दी जाती है। इसके अलावा लाभार्थी को 90 दिन की मजदूरी और शौचालय के लिए 12 हजार रुपये अलग से दिए जाते हैं।
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13 बिंदुओं पर जांच कर दी जाती है रिपोर्ट
मुख्यमंत्री की प्राथमिकता में शामिल सीएम आवास योजना में ब्लॉक स्तर पर 13 बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट दी जाती है, उसमें पात्र पाए जाने पर लाभार्थी का चयन होता है। इससे अपने आशियाना का सपना संजोए पात्रों को लाभ दिया जाता है। इसमें आय का स्रोत, घर, जमीन और परिवार की आर्थिक स्थिति देखी जाती है।
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