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Basti News: 24 घंटे में 20 सेमी बढ़ी सरयू, तटबंधों पर बढ़ा दबाव

Tue, 04 Aug 2026 12:27 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, बस्ती
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- विक्रमजोत में कटान से ग्रामीणों में खलबली, बचाव कार्य में लापरवाही का आरोप
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- उपजाऊ भूमि नदी में समा रही, गांव की तरफ बढ़ रही नदी


बस्ती। पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार बारिश और बैराजों से पानी छोड़े जाने से सरयू नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ रहा है। सोमवार को जलस्तर खतरे के निशान से महज 37 सेंटीमीटर नीचे पहुंच है। हालांकि, 24 घंटे में नदी के जलस्तर में 20 सेंटीमीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नदी का बढ़ता पानी अब निचले इलाकों में फैलना शुरू हो गया है। मांझा क्षेत्र में कटान तेज होने से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है। नदी के किनारे लगातार कटान से खेती योग्य भूमि नदी में समा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि कटान और जलस्तर बढ़ने से कई खेत विलीन हो सकते हैं। इससे तटबंध पर और दबाव बढ़ जाएगा।
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दुबौलिया संवाद के अनुसार, सरयू का जलस्तर बढ़ने के बाद दोपहर बाद स्थिर हो गया। सुविका बाबू, टेढवा, दो धाराओं के बीच स्थित देवारागंगबरार का पुरवा, व कुर्मियाना के ग्रामीण बाढ़ को लेकर चिंतित हैं। वहीं कटरिया-चांदपुर तटबंध पर खजांचीपुर गांव से लेकर खलवा गांव तक दो किलोमीटर के दायरे में दबाव बना हुआ है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या कार्यालय के अनुसार शाम पांच बजे जलस्तर 92.36 सेंटीमीटर पर दर्ज किया गया जो की खतरे के निशान 92.73 से 37 सेंटीमीटर नीचे है।


कटान से ग्रामीणों की बढ़ी चिंता
विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर सोमवार को चार बजे तक स्थिर बना रहा लेकिन कटान प्रभावित गांवों में लोगों की चिंता कम नहीं हुई है। नदी के बढ़ते-घटते जलस्तर के कारण कृषि योग्य भूमि के साथ आबादी वाले क्षेत्रों पर भी खतरा मंडरा रहा है।
कटान प्रभावित ग्राम पकड़ी संग्राम, लकड़ी पांडेय और अर्जुनपुर में नदी का कटान अब कृषि भूमि से आगे बढ़कर आबादी वाले इलाकों की ओर बढ़ने लगा है। वहीं, दुधौरा पूरेकुमार और शिवपुर में भी कृषि योग्य भूमि कट कर नदी में समा रही है। बाढ़ खंड के सहायक अभियंता बृजेश सोनी ने बताया कि कटान रोकने के लिए पॉर्क्यूपाइन सहित अन्य सुरक्षात्मक कार्यों का प्रस्ताव जिला मुख्यालय भेज दिया गया है। मुख्यालय से निर्देश मिलते ही कटान निरोधक कार्य शुरू करा दिए जाएंगे।
उधर, ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते प्रभावी कटानरोधी उपाय नहीं किए गए तो कई बीघा उपजाऊ भूमि नदी में समा सकती है। साथ ही, नदी के किनारे बसे आबादी वाले क्षेत्रों पर भी खतरा बढ़ने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से शीघ्र सुरक्षात्मक कार्य शुरू कराने की मांग की है। नदी गांव की ओर बढ़ रही है। इससे पशुओं के सामने चारा संकट गहरा रहा है। नाव ही अब सहारा है।
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कटानरोधी कार्य तटबंधों पर कराए जा रहे हैं। बाढ़ से अभी खतरा नहीं है। सभी तटबंध सुरक्षित हैं। ग्रामीणों को भी अलर्ट किया जा रहा है। - दिनेश कुमार, एक्सईएन बाढ़ खंड, बस्ती
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