विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की आशंका से लोग सहम गए हैं। कटान से दहशत का माहौल है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के कर्मचारी बलराम ने बताया कि नदी का जलस्तर शाम करीब पांच बजे 92.800 मीटर रिकार्ड किया गया जो कि खतरे के निशान 92.730 से 7 सेमी ऊपर है।
इस दौरान बाढ़ग्रस्त गांवों की परेशानियां थमने का नाम नहीं ले रही हैं। कल्याणपुर, पड़ाव, अर्जुनपुर, संदलपुर, सरवरपुर, पकड़ी संग्राम में जहां एक ओर नदी की धारा खेती लायक जमीनों को कटान कर निगल रही है वहीं कन्हईपुर, लकड़ी पकड़ी, पूरे चेतन, खेमराजपुर, बेतावा, भरथापुर, नरसिंहपुर मे इस वर्ष बाढ़ का पानी तीसरी बार गांव में घुसने को बेताब है।
ब्लाॅक के बाढ़ग्रस्त इलाके के महज दो गांवों कल्याणपुर और माझाकिताअव्वल में बाढ़ राहत किट बंटने से अन्य गांवों के ग्रामीणों में आक्रोश है। पकड़ी संग्राम के झिनकाई सिंह और कल्याणपुर के प्रधान प्रतिनिधि अभिषेक ने बताया कि खेतों की फसल सड़ गयी है गांव वाले जानवरों के भूसा व चारे के लिए प्रशासन की राह देख रहे हैं। संदलपुर और पकड़ी संग्राम गांव के संजय सिंह, पप्पू सिंह, राम अभिलाख, दिनेश कुमार, त्रिभुवन आदि ने बताया कि स्वास्थ्य कर्मचारी मनमाने ढंग से काम कर रहे हैं।
बंधे पर मौजूद दो-तीन घरों के पशुपालकों के यहां जाकर टीकाकरण कर कोरम पूरा कर दिए। जबकि गांव में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की भैंस और गाय को खुरपका और पेचिस कि शिकायत है। बायफ के निजी पशु चिकित्सकों से मंहगा इलाज कराने को मजबूर हैं।
कल्याणपुर के जगदंबा, संजय यादव आदि ने बताया कि इस राजकिय पशु-चिकित्सालय पर जाने पर भी कर्मचारी मौजूद नहीं मिलते। इस संबंध में प्रभारी चिकित्सक डा.राममूर्ति वर्मा ने बताया कि स्टाफ की कमी के चलते सर्विस देने में देरी हो रही है।
डाली जा रही रेत से भरी बोरियां : बहादुरपुर। कलवारी रामपुर तट बंध के समीप बसे मईपुर, मदरहवा पुरवे को बचाने के लिए बाढ़ खंड ने रविवार को रेत भरी बोरियां डाल कर नदी के बहाव को किनारों से दूर करने का प्रयास किया।
मईपुर एवं मदरहवा पुरवे को बचाने के लिए बाढ़ खंड ने द्वारा स्पर व डैंपनर का निर्माण कराया गया है। डैंपनर नौ से सोलह के बीच शनिवार को नदी द्वारा कटान शुरू कर दिया गया था जिसके कारण मईपुर के ग्रामीण दहशत में आ गये थे। कटान रोधी सामग्री डालने के बाद कटान बंद हो गया था। रविवार को नदी का बहाव तट से होकर न गुजरे इसके लिए बोरी में रेत डालकर दूर करने का प्रयास विभाग द्वारा किया जा रहा है।
मईपुर व महुआपार के मदरहवा पुरवा 2024 में सरयू नदी द्वारा लगभग एक किलोमीटर तक कटान करने के कारण नदी के मुहाने पर आ गये। यही नहीं दोनो गांवों के दर्जन भर से अधिक घर नदी की धारा में विलीन हो गये थे। दोनों गांवो के लगभग पांच सौ घरों को बचाने के लिए बाढ़ खंड की 33 करोड़ की लागत से दो परियोजनाएं चल रही हैं।
दोनो परियोंजनाओं में चार स्पर व छब्बीस डैंपनर बनाये जाने है। तीन स्पर व उन्नीस डैंपनर का निर्माण लगभग पूरा हो गया है। एक स्पर व सात डैंपनर का निर्माण नदी का जल स्तर कम होने पर विभाग द्वारा कराया जायेगा। जिस जगह स्पर व डैंपनर निर्माण होल्ड किया गया उसी जगह नदी द्वारा जल स्तर बढ़ने व घटने पर कटान होने लगता है जिससे ग्रामीण परेशान हो जाते हैं।
मईपुर में डैंपनर नौ से सोलह के बीच रेत की बोरी डालते श्रमिक।