हालांकि नदी के तेवर को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। विक्रमजोत संवाद के अनुसार, क्षेत्र के कई गांवों में नदी की कटान तेज हो गई है। तटबंध विहीन केशवपुर गांव के पास सरयू लगातार कटान करते हुए हाईवे की ओर बढ़ रही है। बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चांदपुर और सहजौरा संदलपुर गांवों के लिए नदी आफत बन गई है। सहजौरा गांव की आबादी की जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है।
सरयू नदी का जलस्तर लगातार उतार-चढ़ाव के बीच खतरे की ओर बढ़ रहा है। नदी कई स्थानों पर रौद्र रूप दिखाते हुए किनारों को तेजी से काटते हुए हाईवे की ओर बढ़ रही है। कटान के कारण दुबौलिया, विक्रमजोत, कुदरहा और बहादुरपुर ब्लॉक क्षेत्र के बाढ़ प्रभावित गांवों के ग्रामीणों में भय का माहौल है।
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केंद्रीय जल आयोग, अयोध्या कार्यालय के अनुसार रविवार शाम छह बजे सरयू का जलस्तर 92.18 मीटर दर्ज किया गया। यह खतरे के निशान 92.73 मीटर से 55 सेंटीमीटर नीचे है। हालांकि नदी के तेवर को देखते हुए तटवर्ती गांवों के लोगों की चिंता बढ़ गई है। विक्रमजोत संवाद के अनुसार, क्षेत्र के कई गांवों में नदी की कटान तेज हो गई है।
तटबंध विहीन केशवपुर गांव के पास सरयू लगातार कटान करते हुए हाईवे की ओर बढ़ रही है। बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, चांदपुर और सहजौरा संदलपुर गांवों के लिए नदी आफत बन गई है। सहजौरा गांव की आबादी की जमीन पहले ही नदी में समा चुकी है।
सरयू की एक शाखा में पिछले एक सप्ताह से लगातार कटान जारी है, जिससे संदलपुर गांव के अस्तित्व पर संकट मंडरा रहा है। केशवपुर, भरथापुर और कल्यानपुर में हो रही कटान से ग्रामीणों की चिंता बढ़ गई है।
दुबौलिया संवाद के अनुसार, कटरिया-चांदपुर तटबंध पर करीब दो किलोमीटर क्षेत्र में कई स्थानों पर नदी का दबाव बना हुआ है। ठोकर नंबर एक पर भी कटान रोकने की चुनौती बनी हुई है। माझा क्षेत्र के पशुपालक अब भी नाव के सहारे पशुओं के लिए चारा पहुंचा रहे हैं। नदी के बढ़ते दबाव और लगातार हो रही कटान से ग्रामीणों की चिंता बढ़ती जा रही है।
नदी किनारे स्थित विद्यालय पर भी संकट
कल्याणपुर स्थित कंपोजिट विद्यालय भी कटान की जद में आ गया है। विद्यालय नदी से महज पांच से 10 मीटर की दूरी पर है। बरसात के दिनों में जलस्तर बढ़ने से पानी परिसर तक पहुंच जाता है, जिससे शिक्षक, छात्र और अभिभावक चिंतित हैं। कक्षा आठ के छात्र शिवा ने बताया कि विद्यालय परिसर में अक्सर नीलगाय, जंगली सूअर और अन्य पशु दिखाई देते हैं।
बाढ़ के समय जलभराव के कारण सांप-बिच्छू जैसे विषैले जीवों का खतरा भी बना रहता है। छात्र अनमोल ने बताया कि बारिश के दिनों में विद्यालय पहुंचना और पढ़ाई करना जोखिम भरा हो जाता है। कटान से विद्यालय के अस्तित्व पर भी खतरा मंडरा रहा है।
स्थानीय नागरिक बोले
सरयू के जलस्तर घटने से अब नदी कटान कर रही है, इससे विद्यालय के अस्तित्व पर संकट है। सुरक्षा के लिहाज से कार्य कराया जाए, ताकि विद्यालय बच सके: बेकारू कन्नौजिया, कल्याणपुर
चहारदीवारी के अभाव में बच्चों की सुरक्षा भगवान भरोसे है। इधर बाढ़ के चलते पानी से विद्यालय एक ओर से घिर गया है। इससे विषैले जंतुओं के आने का डर बना है: हीरालाल, कल्याणपुर
सरयू का जलस्तर कम हुआ है। जहां, कटान की सूचना है वहां टीम ने निगरानी बढ़ा दी है। ग्रामीणों को जागरूक किया जा रहा है: दिनेश मोहन, एक्सईएन, बाढ़ खंड, बस्ती।