विक्रमजोत। सरयू नदी का जलस्तर धीमी गति से घटने लगा है। इससे कटान का खतरा बढ़ गया है। क्षेत्र के बीडी व एलबी तटबंध और नदी के बीच बसे एक दर्जन गांवों में बाढ़ का पानी आफत बनकर आया है। जगह- जगह भीषण कटान भी हो रही है। कटान करते हुए कई गांवों में नदी आबादी के समीप पहुंच गई है। इससे ग्रामीण दहशत में हैं।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या के जलकर्मी राम तिलक ने बताया कि बृहस्पतिवार से जलस्तर में गिरावट शुरू हुई है। शाम पांच बजे नदी का जलस्तर 92.830 मीटर पर रिकार्ड किया गया है। यह खतरे के निशान 92.730 मीटर से दस सेमी अधिक है। नदी अभी भी लाल निशान से ऊपर होकर प्रवाहित हो रही है। तीव्र धारा के आगे बाढ़ खंड का बचाव कार्य भी नाकाफी साबित हो रहा है।
विक्रमजोत विकास क्षेत्र के एलबी तटबंध के निकट रानीपुर कठवनियां व केशवपुर में नदी धीमी गति से कटान करते हुए तटबंध से सटने को आतुर है। वहीं कल्यानपुर के पास स्थिति सैन्य भूमि पड़ाव के पास तीव्र गति से कटान हो रही है। यहां भी नदी आबादी से सट रही है। बीडी बांध के पास बसे अर्जुनपुर, पकड़ी संग्राम, नरसिंहपुर, कन्हईपुर व खेमराजपुर में भी कटान हो रही है। पकड़ी संग्राम का अंत्येष्टि स्थल का काफी हिस्सा नदी की धारा में विलीन हो चुका है। यहां के ग्रामीण भीषण कटान देख दहशत में है।
गांव के भगवानदीन निषाद, दुर्गा सिंह, तेज नरायन निषाद, शशिकपूर, जोखू, रामजीत कनौजिया, शिव प्रताप गुप्ता ने बताया कि पिछले साल हुई कटान को रोकने के लिए प्रशासन से लेकर मुख्यमंत्री पोर्टल पर शिकायत की गई थी। लेकिन, जिम्मेदारों ने सुधि नहीं ली। दुबौलिया संवाद के अनुसार मैरुंड गांव सुबिका बाबू और आंशिक टेढ़वा के ग्रामीणों की परेशानियां कम नहीं हो रही है। यहां पशुचारे का संकट खड़ा हो गया है। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर ठोकर नंबर एक पर नदी का दबाव बरकरार है।