दुबौलिया और विक्रमजोत ब्लॉक के कई गांवों में घुसा बाढ़ का पानी, शुरू हुआ तबाही का दौर
आधा दर्जन से अधिक गांवों से सटकर बहने लगी सरयू, ग्रामीणों कोे कटान होेने का सता रहा डर
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। जिले के दक्षिणांचल हिस्से से होकर बहने वाली सरयू नदी लाल निशान पार कर गई है। मंगलवार शाम छह बजे जलस्तर खतरे के निशान से नौ सेंटीमीटर ऊपर दर्ज किया गया। सरयू का बढ़ा हुआ जलस्तर निकटवर्ती गांवों में तबाही मचाने को आतुर है। दुबौलिया ब्लॉक क्षेत्र के तटबंध और नदी के बीच स्थित सुबिका बाबू गांव पानी से घिर गया है (मैरूंड) हो गया है। आधा दर्जन अन्य गांवों में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। विक्रमजोत ब्लॉक के भी तटीय गांवों में बाढ़ का पानी घुसने लगा है। कुछ गांवों से सरयू सटकर बहने लगी है। यहां ग्रामीणों कोे कटान की चिंता सता रही है।
केंद्रीय जल आयोग अयोध्या की रिपोर्ट के अनुसार, मंगलवार की सुबह से ही सरयू अपने आपे से बाहर होकर बहने लगी है। नदी का जलस्तर खतरे के निशान 92.730 मीटर से चार सेमी ऊपर 92.820 मीटर पर रिकाॅर्ड हुआ है। अनुमान है कि अगले चौबीस घंटे में नदी का जलस्तर में 28 सेमी की बढ़ोत्तरी और हो सकती है। जलस्तर बढ़ने से नदी तटीय इलाकों में विस्तार रूप लेने लगी है। निचले सतह के खेतों में पानी भर गया है। फसलें डूबकर बर्बाद हो रही है।
विक्रमजोत ब्लॉक के केशवपुर, रानीपुर कठनियां मुंडेरीपुर, गौरियानैन, बाघानाला, कल्यानपुर, भदोई, भरथापुर, छतौना, संदलपुर, सहजौरा पाठक आदि गांवों लबालब पानी भर गया है। वहीं भरथापुर, कल्यानपुर, चांदपुर, संदलपुर गांवों से सटकर नदी प्रवाहित होने लगी है। यहां ग्रामीणों को कटान की चिंता सता रही है। इन गांवों में तबाही का दौर शुरू हो गया है। आवागमन से लेकर पशु चारे तक का संकट गहरा गया है। किसान अपनी ऑखों से फसलों को डूबकर बर्बाद होते देख रहे हैं।