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सरयू की बाढ़ से 23 गांव घिरे, पांच जलमग्न

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बाढ़ के पानी में डूबे खेत। - फोटो : amar ujala
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विक्रमजोत। उफनाई सरयू नदी बड़ी तबाही की ओर बढ़ रही है। नदी का जलस्तर शुक्रवार को लाल निशान 92.730 मीटर से 65 सेंटीमीटर बढ़ कर 93.380 मीटर पर पहुंच गया है।
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लगातार जलस्तर बढ़ता रहा तो अनुमान है कि जल्द ही हाई फ्लड लेवल पर पहुंच जाएगा। तटबंध के रैंप और बेस पर दबाव बढ़ गया है। बांध की सुरक्षा में बने सभी नए और पुराने ठोकरों को नदी की धारा से क्षति पहुंच रही है। बांध के पहले और दूसरे ठोकर का लगभग 20 मीटर स्पर का नोज एक सप्ताह पहले ही नदी की धारा में समा चुका है, जिस पर अभी मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। विक्रमजोत-लोलपुर बांध पर किसी प्रकार का कार्य नहीं होने से स्थानीय लोगों में बाढ़ खंड के प्रति गुस्सा है। कल्याणपुर और भरथापुर में डीएम के निर्देश के बावजूद बोल्डर से मरम्मत कार्य बंद है। 1971 के बने सारे ठोकर पानी में डूब चुके हैं। बघुआपार बांध और विक्रमजोत-लोलपुर तटबंध से सटे केशवपुर, खतमसराय, भदोई, मुंडेरीपुर, फूलडीह, बाघानाला, रामनगर, चांदपुर, छतौना, संदलपुर, कवलपुर, गौरियानैन, कन्हईपुर, पूरे चेतन, लकड़ी पकड़ी, माझाकिता अवल्ल, मड़ना माझा आदि गांवों के सीवान और आबादी में बाढ़ का पानी घुस गया है। तटबंधविहीन कल्याणपुर, सहजौरा पाठक, भरथापुर, रानीपुर कठवनिया और पड़ाव के चारों ओर से पानी घरों में भर गया है। लोग नाव के सहारे घरों में आ जा रहे हैं। कल्याणपुर, सहजौरा व भरथापुर के लोग पालतू पशुओं के साथ बांध पर शरण ली है। तटबंधविहीन इलाकों के रास्ते पानी फोरलेन के नीचे पुलियों से उस पार मांचा, मुनियावां, रिधौरा, जोगापुर, राजारामपुर के सीवान में पहुंच गया है।

प्रशासन हुआ चौकन्ना, निगरानी शुरू
जिलाधिकारी डॉ. राजशेखर के नेतृत्व में तहसील प्रशासन ने चार दिन पहले बाढ़ग्रस्त इलाके में खाद्य सामग्री वितरित कराया जबकि बाढ़ पीड़ितों की मांग एक ट्रक भूसा की भी थी। लेकिन आज तक भूसा उपलब्ध नहीं कराया गया। तीन सरकारी नावें लगी हैं। कई बाढ़ पीड़ित अभी भी प्रशासन की मदद की बाट जोह रहे हैं। एसडीएम हर्रैया शिव प्रताप शुक्ल ने बताया कि बाढ़ का पानी गांवों में आने के बाद अतिरिक्त लेखपालों और कानूनगो की ड्यूटी बढ़ा दी गई है। जो प्रतिदिन निगरानी कर रहे हैं। अन्य गांवों में भी जल्द ही राहत सामग्री बांटी जाएगी।
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फोटो      
बाढ़ : टकटकवा रिंगबाध पर दबाव से दहशत
कटरिया-चांदपुर तटबंध पर नदी का दबाव       
कई गांवों में जा पहुंचा सरयू नदी का पानी 
अमर उजाला ब्यूरो 
दुबौलिया। सरयू का जलस्तर बढ़ने के कारण देवरागंगबरार पूरी तरह से जलमग्न हो गया है। टकटकवा रिंगबाध पर धारा का दबाव बढ़ने से सुरक्षा का खतरा बढ़ गया है। 
सरयू नदी और तटबंध के बीच बसे खजांचीपुर, विसुनदासपुर, सूबिका बाबू, टेढ़वा, दिलासपुर, पहाड़वापुर, बरदिया लोहार का पुरवा, पहिया माफी आदि गांव बाढ़ के पानी से चारों तरफ से घिर गए हैं। कटरिया-चांदपुर तटबंध पर बढ़े जलस्तर से तटबंध पर खतरा बढ़ गया है। नदी की धारा सीधे आकर तटबंध से टकरा रही है। इससे चांदपुर गांव के पास बने ठोकर के पूर्वी हिस्से पर नदी बोरियों के बेस को बैकरोलिंग से लगातार काट रही है। सारा दबाव ठोकरों पर बना हुआ है। शुक्रवार सुबह चांदपुर, भिउरा गांव के पास नदी करीब 10 मीटर भूमि को काटती हुई तटबंध के करीब पहुंच गई। इससे चांदपुर गांव के लोग दहशत में आ गए। बाढ़ खंड की ओर से मजदूरों को लगा कर तेजी से मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। बाढ़ खंड के एसडीओ जितेंद्र कुमार का कहना है कि जलस्तर बढ़ने के कारण चांदपुर-गौरा तटबंध पर दबाव बढ़ गया है। इससे चांदपुर गांव के पास नदी कटान करती हुई तटबंध की तरफ तेजी से बढ़ रही है। मजदूरों को लगा कर मरम्मत कार्य कराया जा रहा है। स्थिति नियंत्रण में है। किसी को डरने की जरूरत नहीं है।
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