बस्ती। फोरलेन पर फुटहिया चौराहे का निर्माणाधीन फ्लाईओवर ढहने की घटना की जांच करने पहुंचे उच्चस्तरीय जांच दल ने शुक्रवार को दूसरे दिन भी घटनास्थल का बारीकी से जायजा लिया।
टीम ने फ्लाईओवर के ढहे हिस्से में प्रयुक्त कंक्रीट, सीमेंट, मोरंग-स्टोन डस्ट आदि के नमूने सील करके लिए। साथ ही पिलर और सीलिंग में इस्तेमाल स्टील सरिया का भी टुकड़ा जांच के लिए ले गए। जांच में मिले तथ्यों के बारे में कोई भी जानकारी मीडिया से साझा करने से इन्कार करते हुए टीम की अगुआई कर रहे सेवानिवृत्त डायरेक्टर जनरल रोड एनके सिन्हा ने बताया कि हफ्ते भर के भीतर मंत्रालय व अन्य संबंधित अफसरों को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। डीएम डॉ. राजशेखर ने बताया कि जांच की गोपनीयता कायम रखने के निर्देश के कारण कोई भी जानकारी फिलहाल सार्वजनिक नहीं की जा सकती।
11 अगस्त को 15 करोड़ की लागत से बन रहा फुटहिया फ्लाईओवर का एक हिस्सा अचानक ढह गया था। घटना की आधिकारिक स्तर पर जांच के लिए एमओआरटीएच (मिनिस्ट्री आफ रोड ट्रांसपोर्ट एंड नेशनल हाईवेज गवर्नमेंट ऑफ इंडिया) के वरिष्ठ अधिकारियों की जांच समिति गठित कर बृहस्पतिवार को मौके पर भेजी गई। टीम में वीके सिन्हा चीफ इंजीनियर एमओआरटीएच, जीके साहू चीफ सीनियर प्रिंसिपल साइंटिस्ट आफ इंजीनियरिंग एंड स्ट्रैक्चर (सीआरआरआई), आरआर सिंह, चीफ इंजीनियर एनएच डिवीजन यूपीपीडब्लूडी लखनऊ शामिल रहे। प्रशासनिक समन्वय के लिए यहां से एसडीएम सदर श्रीप्रकाश शुक्ल, सीओ कलवारी अरविंद वर्मा और यातायात उपनिरीक्षक कामेश्वर सिंह को भी जांच दल से साथ लगाया गया था।
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कंक्रीट उठाते वक्त निगाहों में ही कर ली बात
उच्चस्तरीय जांच दल के अधिकारियों ने पहले दिन बृहस्पतिवार को सिर्फ पूरे निर्माणाधीन साइट व उसके आसपास का जायजा लिया था। लेकिन दूसरे दिन शुक्रवार को ढहे हिस्से की चौतरफा जांच-परख की। टूटे हिस्से के कंक्रीट, सीमेंट-मोरंग का जोड़ चेक किया। उसका नमूना भी पैक किया गया। साइट पर काम करने वाले कई सुपरवाइजर, इंजीनियर और अन्य लोगों से भी बातचीत की। कुछ के बयान भी लिए। इस बीच कई बार जांच अधिकारी टूटे हिस्से की कंक्रीट हाथ में उठाकर एक-दूसरे की तरफ रहस्यमयी नजर डालते दिखे। मानों आंखों में आपस में बात की हो।
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भीड़ ने बढ़ाई जांच में दिक्कतें
स्वभाव के मुताबिक राहगीरों और स्थानीय लोगों की भीड़ फोरलेन के इर्दगिर्द जुटी रही, जिसके कारण जांच टीम को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। लोग बार-बार जांच कर रहे अधिकारियों को देखने के लिए रोड पर जमा होते रहे। हालांकि, पुलिस उन्हें हटाने की भरपूर कोशिश करती रही। कुछ लोगों ने ऊंची आवाज में जांच टीम को कुछ बताने की कोशिश की लेकिन उन पर ध्यान नहीं दिया गया। इस बीच फोरलेन पर यातायात बहाल रहा। कुछ दिक्कत कलवारी रोड से आने और उधर जाने वालों को हुई।