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कटान के मुुहाने पर आए विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के 30 घर

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दुबौलिया क्षेत्र के टकटकवा मजरे में जेसीबी मशीन से घर तोड़ते ग्रामीण। - फोटो : BASTI
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कटान के मुुहाने पर आए विक्रमजोत ब्लॉक क्षेत्र के 30 घर
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अमर उजाला ब्यूरो
विक्रमजोत/दुबौलिया। ब्लॉक क्षेत्र के 30 घर सरयू नदी के कटान के मुहाने पर आ गए हैं। बाढ़ के बाद घटते जलस्तर से ग्रामीण निश्चिंत हो गए थे। लेकिन तीन दिन से कटान शुरू होने से ग्रामीण परेशान हैं। बाघानाला, भरथापुर, कल्यानपुर, पड़ाव, सहजौरा, चांनपुर आदि गांवों में निकट नदी तेजी से कटान कर रही है। कल्यानपुर के पूर्व प्रधान राम सुंदर यादव के घर से पड़ाव व सहजौरा पाठक गांव के विद्यासागर यादव के घर के किनारे भीषण कटान हो रही है।
बताया जा रहा है कि संजय, शिवकुमार, प्रेम कुमार, माला, गुलजारी सहित 30 लोगों के मकान कटान की जद में हैं। गांव के लोगों का कहना है कि बाढ़खंड के पड़ाव के पास बंबूक्रेट, रोड़ी भरी बोरिया व पाइकोपाइन लगाया गया था। लेकिन नदी कटान करती हुई बाड़ के अंदर घुस चुकी है और तेजी से कटान कर रही है। सेना की खेती की जमीन लगातार कटान हो रही है। ग्रामीणों ने अनदेखा करने का आरोप लगाया है। प्रधान संजय, हेमंत कुमार पांडेय, जितेंद्र सिंह, माला, कमलाकांत पांडेय, दयाराम ने बताया कि कटान की सूचना तीन दिन पहले एसडीएम हर्रैया व तहसीलदार को दी गई थी। लेकिन कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा।
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दुबौलिया प्रतिनिधि के अनुसार ब्लॉक क्षेत्र के टकटकवा रिंगबांध पर फिर दबाव बढ़ गया है। ऊपर से नदी का जलस्तर भी बढ़ रहा है। शुक्रवार की देर रात रिंगबांध के करीब तेज कटान हुई। बाढ़खंड रिंगबांध करीब मरम्मत कार्य में जुटा हुआ है। बावजूद इसके कटान रुकने का नाम नहीं ले रही है। रिंगबांध के पूरब व पश्चिम की ओर कटान करती हुई नदी गौरा-सैफाबाद तटंबध की ओर तरफ तेजी से बढ़ रही है। नदी तटबंध से महज दस मीटर दूर बह रही है। केंद्रीय जल आयोग अयोध्या ने बताया कि जलस्तर लाल निशान 92.73 मीटर से नीचे 91.52 मीटर पर है।
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कटान के डर से मकान तोड़ने लगे ग्रामीण
टकटकवा रिंगबांध के पास करीब 21 दिन से कटान हो रही है। बाढ़खंड मिट्टी भरी बोरी, ईंट के रोड़े, बंबूक्रेट आदि के सहारे कटान रोकने का प्रयास कर रहा है। लेकिन कटान रुक नहीं रही है। करीब हफ्ताभर से हालात सामान्य था जिसे देखकर बाढ़ खंड मरम्मत कार्य बंद करा दिया था। लेकिन मूसलाधार बारिश के बाद जलस्तर बढ़ने के साथ रिंगबांध पर दबाव भी बढ़ गया और कटान तेज होने लगी। बाढ़ खंड 50 श्रमिकों को लगाकर रिंगबांध पर मरम्मत कार्य शुरू करा दिया है। मजरा कटान की डर से ग्रामीण बुलडोजर मशीन से अपना पक्का रिहायशी मकान तोड़ने लगे हैं। मजरा निवासी तिलकराम ने बताया कि रिंगबांध के पास कटान तेज हो रही है। मेरा घर कटान के मुहाने पर है। इसलिए घर तोड़ना मजबूरी है। मजरे के चंद्रभान भी अपना घर उजाड़ने की तैयारी कर रहे हैं। अवर अभियंता लवकुश सिंह ने बताया कि जलस्तर बढ़ने पर दबाव बढ़ रहा है। लेकिन अभी खतरे जैसे हालात नहीं हैं।

दुबौलिया क्षेत्र कटान रोकने के काम करते मजदूर।- फोटो : BASTI

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