कप्तानगंज। ब्लॉक परिसर स्थित सीडीपीओ कार्यालय से बृहस्पतिवार सुबह 11.30 बजे एंटी करप्शन टीम ने सफाईकर्मी को 25 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया है। आंगनबाड़ी में नौकरी दिलाने के नाम पर उसने रुपये की मांग की थी।
इस दौरान सफाई कर्मी शोर मचाने लगा। ब्लॉक परिसर में मौजूद अन्य कर्मचारी और प्रधान उसके बचाव में एंटी करप्शन टीम की गाड़ी को रोकने की कोशिश करने लगे लेकिन टीम सफाईकर्मी को लेकर निकल गई। टीम सीडीपीओ कार्यालय के कंप्यूटर और अभिलेख भी ले गई। इस कार्रवाई के बाद ब्लॉक परिसर में हड़कंप मचा रहा।
कप्तानगंज ब्लॉक के पोखरा गांव के रहने वाले शिवमूरत गौड़ ब्लॉक क्षेत्र के परसपुरा गांव में सफाईकर्मी के पद पर तैनात है। उसकी पत्नी शीला गौड़ महुरैया में आंगनबाड़ी कार्यकर्ता है। बताया जा रहा है कि सीडीपीओ कार्यालय कप्तानगंज में सफाईकर्मी की गहरी पैठ है। वह आंगनबाड़ी विभाग में नियुक्ति कराने को लेकर काफी दिनों से चर्चा में भी था।
ब्लॉक क्षेत्र के बढ़या गांव के रहने वाले विनय कुमार की पत्नी को आंगनबाड़ी में सहायिका पद पर नियुक्ति कराने के लिए सफाईकर्मी शिवमूरत से रुपये की मांग की थी। विनय ने इसकी शिकायत एंटी करप्शन टीम से की। इसके बाद टीम उसे पकड़ने के लिए सक्रिय हो गई।
एंटी करप्शन टीम ने सफाईकर्मी को रंगेहाथ पकड़ने की योजना बनाई। बृहस्पतिवार को शिकायतकर्ता विनय ने ब्लॉक परिसर के बाहर सफाईकर्मी शिवमूरत को घूस के 25000 रुपये दिए।
वह रुपये लेकर जैसे ही ब्लॉक परिसर में प्रवेश किया, वहां पहले से मौजूद टीम के लोगों ने उसे दबोच लिया। इसके बाद सफाईकर्मी शोर मचाने लगा। उसके बचाव में कुछ ब्लाॅक कर्मी और प्रधान गेट बंद करके उसे छुड़ाने की कोशिश करने लगे लेकिन, टीम सफाईकर्मी को गाड़ी में बैठाकर कोतवाली लेकर चली गई।
एंटी करप्शन टीम के प्रभारी उदय प्रताप यादव ने बताया कि सफाई कर्मचारी घूस लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है। उसके खिलाफ कोतवाली थाने में विधिक कार्रवाई की जा रही है।