तहसीलों में समाधान के लिए पहुंचे 429 फरियादी
हर्रैया में 117, भानपुर में 165, रुधौली 80 और सदर में 65 शिकायतें दर्ज
डीएम ने हर्रैया में की सुनवाई, पीएम आवास के लिए पात्रों के चयन का निर्देश
अमर उजाला ब्यूरो
बस्ती। हर्रैया तहसील दिवस में इस बार कुल 117 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 38 राजस्व, 33 पुलिस, 25 विकास और विद्युत के 12 मामले शामिल हैं। गन्ना एवं शिक्षा विभाग के संबंधित क्रमश: छह व दो प्रार्थनापत्र प्रस्तुत किए गए।
डीएम डॉ राजशेखर ने एसपी पंकज कुमार के साथ हर्रैया में आयोजित तहसील दिवस में सुनवाई की। इनमें कुल 18 आवेदनों का निस्तारण/ समाधान किया गया। लगभग 10 अन्य प्रार्थनापत्रों में, डीएम ने जिला स्तरीय अधिकारियों को बुधवार को सुबह व्यक्तिगत रूप से मौके पर जाकर समस्या का समाधान करने और कल शाम तक डीएम को रिपोर्ट करने के लिए कहा। अधिकांश प्रार्थनापत्र भूमि मापी और अवैध अतिक्रमण के बारे में थे। डीएम ने एसडीएम को सभी लंबे समय से लंबित भूमि मापन मुद्दों (लगभग 200 मामले हैं) को सूचीबद्ध करने और उन सभी को हल करने के लिए 20 दिनों का अभियान आयोजित करने और दैनिक आधार पर लगातार निगरानी करने को कहा। कुछ आवेदन पीएम आवास, शौचालय आदि की मांग के संबंध में थे। डीएम ने बीडीओ को गांव वार शिविर एवं ग्राम पंचायत की खुली बैठक के माध्यम से सभी पात्र लाभार्थियों का चयन कर जुलाई के अंत तक योजना से आच्छादित करना सुनिश्चित करें। अंत में डीएम ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देशित किया कि वे प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध तरीके से निराकरण करें और निस्तारण की गुणवत्ता पर अधिक जोर दें। इस मौके पर एसपी, सीएमओ, विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी, बीडीओ, एसएचओ/एसओ और अन्य उपस्थित थे।
भानपुर में 165 की शिकायत, 11 का समाधान निकला
भानपुर। संपूर्ण समाधान दिवस में मुख्य राजस्व अधिकारी चंद्र प्रकाश के साथ रुधौली विधायक संजय प्रताप जायसवाल ने भी लोगों की समस्याएं सुनीं। कुल 165 लोगों ने शिकायत दर्ज कराई, जिसमें 11 की समस्याओं का समाधान किया गया। शेष संबधित विभाग के जिम्मेदारों के हवाले कर दिया गया। इस मौके पर एसडीएम राजेश सिंह, तहसीलदार नवीन प्रसाद, सीओ रुधौली शिव प्रताप सिंह, बीडीओ रामनगर हरिश्चन्द्र सहित सभी तहसील स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
रुधौली में 80 में आठ निस्तारित
रुधौली। तहसील मुख्यालय पर आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस में 80 जन शिकायतें दर्ज की गईं, जिसमें से महज आठ का निस्तारण हो सका। तहसील दिवस की अध्यक्षता एडीएम रमेश चंद्र ने की। इस दौरान उनके साथ अपर पुलिस अधीक्षक पंकज कुमार, उपजिलाधिकारी अयोध्या प्रसाद, समेत अन्य उपस्थित रहे।
सदर में सीडीओ ने सुनीं समस्याएं
बस्ती। सदर तहसील सभागार में संपूर्ण समाधान दिवस की अध्यक्षता मुख्य विकास अधिकारी अरविंद पांडेय ने की। इस दौरान 67 लोगों ने अपनी समस्याएं दर्ज कराईं। आठ मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया गया। इसमें से अधिकतर राजस्व से संबंधित थे। एसडीएम एसपी शुक्ला, सीओ सिटी आलोक सिंह, तहसीलदार पवन जायसवाल के अलावा तहसील स्तरीय कई अधिकारी मौजूद रहे।
जिंदा हूं साहब, मेरी जमीन की फर्जी वरासत कर दी
22 अक्तूबर 18 में दाखिल खारिज भी हो गया
खतौनी निकालने पर फर्जीवाड़े की जानकारी हुई
अमर उजाला ब्यूरो
हर्रैया। साहब मैं जिंदा हूं। फर्जीवाड़ा कर जमीन दूसरे के नाम वरासत कर दी गई। आठ माह से लेखपाल का चक्कर लगाकर थक चुका हूं। यह आवाज तहसील में गूंजी तो राजस्वकर्मियों में हड़कंप मच गया। यहां समाधान दिवस की अध्यक्षता खुद डीएम डॉ. राजशेखर कर रहे थे। गौर क्षेत्र के बुढ़ौवा गांव निवासी छोटेलाल जमीन वापस कराने की अर्जी डीएम को देने पहुंचे थे।
अपने बेटे सीताराम के साथ शिकायत लेकर तहसील में संपूर्ण समाधान दिवस में पहुंचे छोटेलाल ने आपबीती सुनाई। प्रार्थनापत्र देकर आरोप लगाया कि वह अभी जिंदा है जबकि हलका लेखपाल व राजस्वकर्मियों ने उसके गाटा संख्या 47 की करीब 10 बीघा जमीन गांव के ही रविंद्र कुमार, विधाराम यादव व सीतापति के नाम जरिए वरासत कर दी। यही नहीं उक्त जमीन का दाखिल खारिज भी 22 अक्तूबर 2018 में हो गया। इस मामले की जानकारी छोटेलाल को उस समय लगी जब वह खतौनी लेने पहुंचे। जमीन किसी दूसरे के नाम दर्ज होने पर पैरों तले जमीन खिसक गई। करीब आठ माह से जमीन वापस अपने नाम पाने के लिए खुद को जिंदा साबित करने के लिए लेखपाल से लेकर तहसीलकर्मियों के चक्कर लगा रहे हैं। मगर सुनवाई नहीं हो रही है। बताया कि कई बार लेखपाल से मिल चुका हूं मगर वह टरका दे रहे हैं। मंगलवार को जब वह जिला अधिकारी के समक्ष प्रार्थना पत्र लेकर पहुंचे तो राजस्व कर्मियो में खलबली मच गई। लेखपाल ने गांव में दो लोगों का एक ही नाम होने से हुई चूक की बात कही। एसडीएम जगदंबा सिंह ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाएगी।
लेखपाल ने रिश्वत ली पर काम नहीं किया
हर्रैया। तहसील में कार्यरत लेखपालों की लापरवाही व रिश्वतखोरी के कई अन्य मामलों की शिकायतें पहले भी सामने आ चुकी हैं। दो वर्ष पूर्व जिले की नोडल अधिकारी रहीं प्रमुख सचिव रेणुका कुमार के नदाएं गांव में लगी चौपाल में सार्वजनिक रूप से एक लेखपाल पर रिश्वत लेकर कार्य नहीं ंकरने का आरोप लगा था। मंगलवार को तहसील दिवस में सरैया अतिवल गांव के राजेश सिंह ने गांव के लेखपाल कपिल देव शुक्ला पर रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। प्रार्थना पत्र में लिखा कि वर्ष 2018 मे पिता की मौत के बाद वरासत कराने के लिए लेखपाल से मिला तो 2000 की मांग की। जिसे लेने के बाद भी वरासत नहीं किए। मंगलवार को संपूर्ण समाधान दिवस में शिकायती प्रार्थना पत्र दिया तो कल कार्य करने के लिए बुलाया है। सिद्धौर की भानुमती भी वरासत नहीं करने का प्रार्थना पत्र लेकर तहसील पहुंची।