ऑनलाइन लाटरी के खेल में बर्बाद हो रहे युवा
बस्ती। देश का युवा जुएं के चलते बर्बाद न हो इसके लिए सख्त कानून है, लेकिन जिम्मेदारों की अनदेखी से सरकार की मंशा पर पानी फिर रहा है। प्रशासन को चकमा देने के लिए जुआरी हाईटेक तकनीकी का इस्तेमाल कर रहे हैं। ताश की पत्तियों की जगह अब ऑनलाइन जुआ खेलने वालों की तादात बढ़ गई है। हर दिन लाखों के दांव लग रहे हैं। रुपया डबल होने की लालच में युवा इस खेल में बर्बाद हो रहे हैं।
शहर के रौता चौराहा, बैरिहवां, रंजीत चौराहा, पुरानी बस्ती, गांव गोड़िया, बभनगांवा सहित अन्य स्थानों को इस धंधे में शामिल लोगों ने अड्डा बना रखा है। इसके लिए कुछ लोगों की नियुक्ति भी की गई है। जो लोगों से उनके मनचाहे नंबर पर बोली लगवाते हैं। शाम के समय इसका रिजेल्ट आउट किया जाता है। इस संबंध में एएसपी पंकज ने कहा कि मामला संज्ञान में नहीं है। यदि ऐसा हो रहा है तो अवश्य कार्रवाई की जाएगी।
कई महीनों से चल रहा खेल
ऑनलाइन लाटरी का धंधा कई महीने से चल रहा है। पुलिस इस धंधे पर नकेल कसने में नाकाम है। इसके पीछे की वजह जो भी हो, लेकिन कई परिवार इससे बर्बाद हो रहे हैं। कुछ लोग तो ऐसे हैं जो दिनभर की गाढ़ी कमाई इस खेल में लगा रहे हैं। जिनकी लाटरी लगी उसकी तो बल्ले-बल्ले, जिसकी नहीं लगी वो माथा पीटता नजर आता है।
लक इंडिया डाट इन पर लगाते हैं दांव
जिस वेबसाइट पर रिजेल्ट आउट होता है, उसका नाम लक इंडिया डाट इन है। यही वह वेबसाइट है जिस पर लोग बोली लगाते हैं। जिसे दांव लगाना होता है वह व्यक्ति पसंदीदा नंबर को एक पर्ची पर लिखकर संबंधित व्यक्ति को रुपये के साथ दे देता है। शाम को वेबसाइट पर नंबर प्रदर्शित किया जाता है।