उप्र होमगार्ड्स एसोसिएशन के बैनर तले पहली अक्टूबर को शुरू हुए आंदोलन के दौरान रविवार शाम उस समय हंगामा खड़ा हो गया,जब रविवार की शाम सदर तहसील परिसर में डीएम व एसपी का घेराव कर साथियों की रिहाई की मांग पर अड़ गए। अंतत: बल प्रयोग कर उन्हें खदेड़ा गया,जब जाकर करीब आधे घंटे के बाद डीएम व एसपी तहसील से बाहर निकल कर सके। करीब पैंतीस होमगार्डों को हिरासत में लिया गया है। हंगामें के बाद भी डीएम कार्यालय के सामने होमगार्ड डटे रहे।
शनिवार से नियमितीकरण की मांग को लेकर होमगार्ड्स अवैतनिक अधिकारी व कर्मचारी एसोसिएशन के बैनर तले होमगार्ड डीएम कार्यालय पर धरना दे रहे थे। होमगार्ड हरिहर सिंह, अजय कुमार, कमला सिंह, रमेश, कृष्णकुमार, लालमणि यादव, रेणु गुप्ता, संतोष कुमार सिंह, नूतन व अन्य ने बताया कि दोपहर करीब तीन बजे पांच पदाधिकारियों को वार्ता के लिए कलेक्ट्रेट में बुलाया गया। आरोप है कि डीएम असपी से वार्ता के लिए गए प्रदेश उपाध्यक्ष चंद्र प्रकाश यादव, उदयनारायण तिवारी, रूपेश कुमार, दूधनाथ यादव और विनोद तिवारी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और गाड़ी में बैठा कर पुलिस लाइन ले गए।
इसी बात से भड़के होमगार्डों ने सदर तहसील पर आए डीएम-एसपी का घेराव कर प्रदर्शन शुरू कर दिया। फिलहाल होमगार्ड तहसील में डटे हुए हैं।