कप्तानगंज में रोमांचक मुकाबले से दिलचस्प हुआ चुनाव
कप्तानगंज/बस्ती। कप्तानगंज विधानसभा क्षेत्र में इस बार न केवल चुनाव बेहद दिलचस्प हैं, बल्कि चुनावी लड़ाई रोमांचक मोड़ पर है। अच्छी संख्या में दलित, ब्राह्मण, कुर्मी बहुल मतदाताओं वाली इस सीट पर वोटों के रुझान से नतीजा निकलने की उम्मीद है। यहां भाजपा के सीए चंद्र प्रकाश शुक्ला दूसरी बार मैदान में हैं तो इस सीट से पांच बार विधायक रहे रामप्रसाद चौधरी के बेटे अतुल चौधरी सपा प्रत्याशी के तौर पर राजनीति में कदम रखने उतरे हैं। वहीं, बसपा ने नए चेहरे जहीर अहमद तो कांग्रेस ने पुराने नेता पूर्व विधायक अंबिका सिंह पर दांव खेला है।
1974 में अस्तित्व में आए कप्तानगंज विधानसभा में 1989 तक कांग्रेस का दबदबा रहा। 1989 व 91 में निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में राना कृष्ण किंकर सिंह ने कांग्रेस से यह सीट छीनी तो अब तक फिर वह कांग्रेस के खाते में नहीं जा सकी। 1989 व 1991 दोनों चुनाव में राना कृष्ण किंकर सिंह निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में मैदान मारने में सफल रहे। 1993 से लेकर 2017 तक विभिन्न दलों के बैनर तले राम प्रसाद चौधरी यहां चुनाव जीतते रहे। उन्होंने एक बार भाजपा तथा दो बार बसपा के शासनकाल में कैबिनेट मंत्री का पद भी संभाला।
2017 के चुनाव में भाजपा की लहर में सीए चंद्र प्रकाश शुक्ला 70,527 वोट पाकर बहुजन समाज पार्टी के प्रत्याशी के रूप में 63,700 वोट पाने वाले राम प्रसाद चौधरी को पटखनी देने में सफल रहे। जबकि, कांग्रेस व समाजवादी पार्टी के संयुक्त प्रत्याशी राना कृष्ण किंकर सिंह को 60,142 वोटों पर ही संतोष करना पड़ा था। 2022 के चुनाव में जहां भारतीय जनता पार्टी ने फिर चंद्र प्रकाश शुक्ल पर भरोसा जताया है। वहीं, बसपा छोड़कर सपा में शामिल हुए राम प्रसाद चौधरी के पुत्र कविंद्र चौधरी अतुल साइकिल की सवारी कर अपनी पिता की विरासत को फिर से स्थापित करने का प्रयास कर रहे हैं। वहीं, बसपा के हाथी पर सवार जहीर अहमद जिम्मी बसपा के कैडर वोटों के साथ-साथ अपनी बिरादरी के वोटों के बल पर मुकाबले को त्रिकोणीय बनाने की भरपूर कोशिश कर रहे हैं। जबकि, यहां से दो बार 1984 व 1989 में विधानसभा में कप्तानगंज का प्रतिनिधित्व कर चुके अंबिका सिंह कांग्रेस के प्रत्याशी के रूप में मैदान में हैं। आम आदमी पार्टी ने संजय चौधरी को अपना प्रत्याशी बनाया है।
जातिगत आंकड़े
राजनीतिक भले ही चुनाव को जाति-धर्म पर न लड़ने की बात करें, लेकिन जातियों के वोट मायने रखते हैं। हालांकि किसकी आबादी कितनी है, इसकी कोई आधिकारिक गणना तो नहीं हुई है। लेकिन, अनुमान के तौर पर 3,65,030 मतदाताओं वाले इस विधानसभा में 80 हजार दलित वोट हैं। 75 हजार ब्राह्मण, कुर्मी 45 हजार तो मुस्लिम भी 35 हजार की संख्या में हैं। क्षत्रिय 30 हजार, यादव 25 हजार, निषाद 13 हजार, राजभर आठ हजार, कायस्थ 11 हजार, वैश्य 15 हजार व अन्य जातियों के 28 हजार मतदाता होने के दावे किए जाते हैं।
2017 का चुनाव परिणाम
चंद्र प्रकाश शुक्ल भाजपा 70527
राम प्रसाद चौधरी बसपा 63700
राना कृष्ण किंकर सिंह कांग्रेस और सपा के संयुक्त प्रत्याशी 60,142
कुल मतदाता 3,65,030
पुरुष 1,92, 114
महिला 1,72,461