‘कोरोना के प्रति जागरूक रखने में महिलाओं की भूमिका महत्वपूर्ण’
अपराजिता कार्यक्रम में कोरोना से बचाव में नारी की भूमिका पर विचार-विमर्श
बस्ती। बनकटी ब्लॉक क्षेत्र के आमकोइल गांव में सोमवार को अपराजिता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कोरोना से बचाव में नारी की भूमिका पर चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रभारी चिकित्सा अधिकारी डॉ. धर्मेन्द्र चौधरी ने कहा कि परिवार के प्रत्येक सदस्य को कोरोना के प्रति जागरूक रखने में महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। घर से बाहर निकलते समय मास्क और सैनिटाइजर पकड़ाकर सुरक्षित घर आने के बारे में महिलाएं अच्छी तरह से पुरुषों को समझा रही हैं।
उन्होंने कहा कि कोरोना को हराने के लिए महिलाएं किचन में वह सब पका रही हैं जिससे परिवार आंतरिक रूप से मजबूत हो। हां, यह अलग बात है कि कोरोना की जांच शिविरों में लोग स्वेच्छा से नहीं आ रहे हैं जिसमें नारी समाज को अपनी भूमिका मजबूती से निर्वाह करना चाहिए ताकि घर के सभी सदस्यों का स्वास्थ्य परीक्षण हो और कोरोना की जंग हम सब जीत सकें। कार्यक्रम का शुभारंभ माता सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण और दीप प्रज्ज्वलन से किया गया। इसके बाद राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की सुमन, मीरा, निर्मला और सुदामा ने अतिथियों को गीत से स्वागत किया। थानाध्यक्ष लालगंज ब्रह्मा गोड़ ने कहा कि कोरोना एक खतरनाक महामारी है जिससे बचाव के लिए सभी को मास्क लगाना और दो गज की दूरी जरूरी है। इसके अलावा सैनिटाइजर से और साबुन से समय-समय पर अपने हाथ को स्वच्छ रखना चाहिए। हालांकि पुुलिस कड़ाई से कोरोना प्रोटोकॉल का पालन करा रही है। लेकिन सफलता तभी मिलेगी जब महिलाओं के अंदर स्वाभाविक जगृति आएगी।
आमकोइल के प्रधान जितेंद्र सिंह ने कार्यक्रम के अतिथियों का स्वागत करते हुए कहा कि हम सबको लंबे समय तक कोरोना के साथ जीना है। ऐसे में इस तरह की परिचर्चा से जागरूकता आएगी। लोग और जिम्मेदारी से अपने परिवार को सुरक्षित रखेंगे। इस मौके पर विजय मिश्रा, अबरार अहमद, हिमांचल विश्वकर्मा, रमा विश्वकर्मा, विजय लक्ष्मी, ज्योति, खुशबू, प्रीति शर्मा, रीमा चौधरी, बबिता, प्रियंका, इंद्रमती, क्रांति, अनिल चौधरी, अफसना व पारसनाथ आदि मौजूद रहे।
घर को सुरक्षित रखने में महिलाओं की भूमिका अहम : अनामिका
आजीविका मिशन की प्रशिक्षक अनामिका मिश्रा का कहना है कि कोरोना महामारी के लिए ‘अमर उजाला’ का अपराजिता कार्यक्रम बेहतर संदेश देने वाला है। परिवार की महिलाएं रीढ़ होती हैं। किचन से लेकर सफाई तक महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका होती है। लिहाजा कोरोना की जंग में महिलाएं अपने घर को सुरक्षित रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।
महिलाएं समाज को संवारने में सदैव आगे रही हैं : स्वीकृति
आरक्षी स्वीकृति मिश्रा कहती हैं कि अपराजिता के इस मंच से कोरोना को हराने में काफी मदद मिलेगी। इतिहास साक्षी है कि महिलाएं समाज को संवारने में सदैव आगे रही हैं। आवश्यकता इस बात की है कि उनके इस ताकत को एक बार फिर से जगाया जाए। आज का यह कार्यक्रम निश्चित तौर पर कोरोना की जंग में सहायक बनेगा।
परिवार के सदस्यों को मास्क लगाने के लिए करेंगी प्रेरित : रेखा
स्वयं सहायता समूह की कार्यकर्ता रेखा कहती हैं कि ‘अमर उजाला’ का यह कार्यक्रम हम सबको बहुत कुछ सिखाया है। हम लोग गंभीरतापूर्वक परिवार के प्रत्येक सदस्यों को कोरोना से बचाने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। समूह की सभी महिलाएं आज की इस कार्यक्रम से प्रभावित होकर खुद मास्क लगाएंगी और परिवार के सभी सदस्यों को मास्क लगाने के लिए प्रेरित करेंगी।
महिलाओं में आत्मनिर्भरता आई है : मीरा
स्वयं सहायता समूह की नेता मीरा बताती हैं कि सहायता समूह के माध्यम से महिलाओं में आत्मनिर्भरता आई है। कोरोना के कारण हम सब का जीवन ठहर गया था। उधर, कुछ राहत जरूर महसूस हो रही है। अपराजिता के इस कार्यक्रम से कोरोना से बचने के बाबत अनेक जानकारी प्राप्त हुई है जिसको अपनाकर कोरोना से बचा जा सकता है।