बस्ती। चारबाग डिपो की बस में आग लगने की घटना के बाद परिवहन निगम ने रोडवेज बसों की सुरक्षा को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। अब सुरक्षा मानकों की जांच के बिना कोई भी बस रूट पर नहीं भेजी जाएगी। इसके लिए बस्ती डिपो में जांच टीम गठित कर दी गई है। जांच रिपोर्ट के आधार पर ही बसों का संचालन होगा।
परिवहन निगम के अनुसार, बस्ती डिपो में संचालित 102 निगम और 38 अनुबंधित बसों की चरणबद्ध तरीके से जांच की जाएगी। सभी बसों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, टायरों की स्थिति और अन्य यांत्रिक पहलुओं की जांच अनिवार्य होगी। निर्धारित मानकों पर खरी नहीं उतरने वाली बसों का संचालन रोक दिया जाएगा।
डिपो के बेड़े में करीब 30 बसें जर्जर श्रेणी में हैं। इन्हें अब लंबी दूरी के मार्गों पर नहीं भेजा जाएगा। यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को देखते हुए लंबी दूरी के रूटों पर नई बसें संचालित की जाएंगी, जबकि पुरानी बसों को स्थानीय मार्गों पर लगाया जाएगा। यात्रियों ने भी लंबे समय से जर्जर बसों में सफर को लेकर शिकायतें की हैं। उनका कहना है कि किराया बढ़ने के बावजूद बसों की स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ है और लंबी यात्रा में अक्सर परेशानी का सामना करना पड़ता है।
परिवहन निगम ने अनुबंधित बस संचालकों के साथ बैठक कर उन्हें भी सभी सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। स्पष्ट किया गया है कि फायर एक्सटिंग्विशर और फर्स्ट एड बॉक्स के बिना किसी भी अनुबंधित बस को रूट पर नहीं भेजा जाएगा। बस स्टेशन प्रभारी को भी अनफिट बसों के संचालन पर रोक लगाने के निर्देश दिए गए हैं।
कोट
सभी बसों में अग्निशमन यंत्र, फर्स्ट एड बॉक्स, टायर और अन्य यांत्रिक व्यवस्थाओं की जांच के लिए टीम गठित कर दी गई है। कार्यशाला प्रभारी को भी निर्देश दिए गए हैं। पूरी तरह फिट बसों को ही रूट पर भेजा जाएगा, ताकि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।
-कल्पना श्रीवास्तव, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक (एआरएम), बस्ती