बस्ती। मानसून के दौरान फैल रही मौसमी बीमारियों का असर अब जिला अस्पताल में साफ दिखाई देने लगा है। बारिश के बाद उमस बढ़ने से डायरिया, उल्टी-दस्त, तेज बुखार और वायरल संक्रमण के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है। मंगलवार को जिला अस्पताल की ओपीडी में 1,142 मरीज उपचार के लिए पहुंचे, जिससे विभिन्न विभागों में लंबी कतारें लगी रहीं।
मौसम में बदलाव के बाद डायरिया के मरीजों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पहले जहां रोजाना करीब 20 मरीज इस बीमारी से अस्पताल पहुंच रहे थे, वहीं अब यह संख्या बढ़कर 60 से 65 हो गई है। इनमें 15 से 20 बच्चे भी शामिल हैं। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. एके सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में डायरिया के मामलों में वृद्धि हुई है। आठ से दस वर्ष आयु वर्ग के बच्चे सबसे अधिक प्रभावित हो रहे हैं।
जनरल फिजिशियन डॉ. एसडी ओझा ने बताया कि इन दिनों डायरिया और पेट दर्द के मरीज लगातार आ रहे हैं। डायरिया होने पर शरीर में पानी की कमी हो जाती है, इसलिए मरीजों को चिकित्सकीय सलाह के अनुसार ओआरएस का घोल देना चाहिए और समय पर दवा लेनी चाहिए। मंगलवार को मेडिसिन, बाल रोग, ईएनटी, हड्डी रोग, दंत रोग, त्वचा रोग विभाग तथा पैथोलॉजी जांच केंद्र पर मरीजों की लंबी कतारें लगी रहीं।
सबसे अधिक मरीज मेडिसिन और बाल रोग विभाग में पहुंचे। जिला अस्पताल के चिल्ड्रेन वार्ड में फिलहाल 24 बच्चे भर्ती हैं। गंभीर स्थिति वाले बच्चों को पीआईसीयू में भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है।
डायरिया के लक्षण
- दिन में कई बार शौच जाना।
- पेट में अचानक से दर्द या ऐंठन महसूस होना।
- उल्टी आना या मितली महसूस होना।
- बुखार आना, थकावट होना।
- शरीर में पानी की कमी होने से प्यास लगना।
- मुंह का सूखना, आंखों का धंसा हुआ दिखना और पेशाब कम आना।
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चिकित्सकों के सुझाव
- खाना खाने से पहले और बाद में हाथ धोएं।
- साफ ताजा पानी पीएं। उबला हुआ पानी ठंडा कर पीएं।
- ताजे और साफ-सुथरे फल और सब्जियों का सेवन करें।
- खाना बनाने से पहले सभी खाद्य पदार्थों को अच्छी तरह से धोएं
- बाजार में बने खाद्य पदार्थों का सेवन न करें।
- तरल पदार्थों का सेवन ज्यादा करें।
कोट
जिला अस्पताल में पर्याप्त दवा है। समय से जांच व रिपोर्ट दी जा रही है। चिकित्सकों को दिशा-निर्देश दिए गए हैं। हाईग्रेड फीवर वाले मरीजों के लिए अलग से वार्ड बनाया गया है।
डॉ. खालिद रिजवान अहमद, एसआईसी, जिला अस्पताल, बस्ती।
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