फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Basti News: रिंग रोड... मुआवजे के लिए भागदौड़ हुई तेज

विज्ञापन
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
विज्ञापन

बस्ती। रिंग रोड का निर्माण शुरू होते ही काश्तकारों में मुआवजे को लेकर हलचल बढ़ गई है। ज्यों-ज्यों रिंग रोड निर्माण की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है, मुआवजे से वंचित काश्तकारों की बेचैनी बढ़ती जा रही है। लोगों ने तहसील, कचहरी तक दौड़ भाग तेज कर दी है। सड़क के लिए प्रस्तावित जमीन पर जहां विवाद है, उसे निपटाने की हर कोशिश की जा रही है। न्यायालयों में लगातार पैरवी की जा रही है।
बस्ती रिंग रोड निर्माण के लिए प्रथम फेज में 54 गांवों की 111 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहित की जा रही है। इसकी सभी प्रक्रिया पूरी कर ली गई है। फोरलेन सड़क बनाने के लिए 8000 काश्तकारों में से 70 प्रतिशत काश्तकारों का मुआवजा वितरित भी किया जा चुका है।
विज्ञापन

अभी लगभग 200 काश्तकारों में मुआवजे की धनराशि वितरित होनी है। विशेष भूमि आधिपत्य विभाग भी इसमें सक्रियता बनाए हुए हैं। प्रतिदिन 10 से 15 काश्तकारों के मुआवजे का प्रकरण निपटाया जा रहा है। इसमें हल्का लेखपाल से प्रस्तावित भूखंड के प्रत्येक गाटा में काश्तकारों का अंश निर्धारण कराने के बाद ही मुआवजा निर्धारित हो रहा है। अभी तक तमाम किसानों की बाहर रहने के कारण या अन्य वजहों से इसमें विशेष रुचि नहीं देखी जा रही थी, लेकिन इधर एक पखवाड़े से जैसे ही सड़क निर्माण की कवायद शुरू हुई काश्तकार चौकन्ना हो गए हैं। जिनके कागजात अधूरे हैं वह तहसील में दाैड़ भाग कर दुरुस्त कराने में जुटे हैं।
विज्ञापन

काश्तकार हल्का लेखपाल से अधिग्रहित भूखंड में अंश निर्धारण की रिपोर्ट लगवाने में जुटे हैं। यह प्रक्रिया पूरी होते ही विशेष भूमि आधिपत्य कार्यालय में मुआवजे की पत्रावली जमा कर दी जा रही है। जिन भूखंडों पर बंटवारा, वरासत संबंधी मामला न्यायालयों में विचाराधीन है उन पर बात नहीं बन पा रही है। ऐसे में काश्तकार मुकदमे की पैरवी में जुट गए हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें