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संशोधित : कहने को शहरी इलाका...फिर भी बदतर स्थिति में मिश्रौलिया वार्ड

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मिश्रौलिया वार्ड में नाले के पानी को कचरे से रोका गया। संवाद
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बस्ती। रेलवे स्टेशन के करीब बसा वार्ड नंबर दो मिश्रौलिया कहने के लिए तो शहरी इलाका है, मगर हालात देखकर नहीं लगता है कि शहरियों को मिलने वाली सुविधाएं यहां उपलब्ध हैं। पचपेड़िया मोड़ से वार्ड की सड़क पर प्रवेश करते ही गड्ढे ही गड्ढे मिलेंगे। सड़क के एक तरफ नाला है तो दूसरी तरफ नाली। दोनों के पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बहते हैं। इस सड़क पर यदि संभल कर बाइक नहीं चलाए तो गंदा पानी की छींटे आपके कपड़े को खराब कर देगी।
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वार्ड के भीतर के हालात तो और ही खराब हैं। पतली-पतली गलियां वार्ड वासियों की दुश्वारियां बढ़ रही है। ऊपर से गलियां में इंटरलॉकिंग का काम चल रहा है, मगर सड़क के दोनों तरफ नाली का निर्माण नहीं कराया जा रहा है। घर से ऊपर सड़क हो गई है। बरसात के मौसम में यह वार्ड वासियों के लिए समस्या खड़ी करेगी। क्योंकि बारिश का पानी घरों में घुस जाएगा। पानी को निकालने के लिए वार्ड वासियों को मशक्कत करनी पड़ेगी।

पचपेड़िया मोड़ आबादी तक जाने वाली सड़क पर जगह-जगह गड्ढे हैं। जर्जर भी हो चुकी है। देखने से लगता है कि यह सड़क मिट्टी की है। पचपेड़िया मोड़ से वार्ड में प्रवेश करते ही दाहिने तरफ नाला पड़ेगा। देखने से लगता है कि नाले की सफाई महीनों से नहीं हुई है। नाले का पानी को सड़क पर आने से रोकने के लिए उसके कचरे से घेरा बना दिया गया है, मगर नाले में पानी अधिक होने से कचरे का घेरा भी नहीं रोक पा रहा है। गंदा पानी जगह-जगह रिसाव कर रहा है।
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वार्ड के राजभवन के पीछे से बेहड़वा जाने वाला नाला की स्थिति तो और ही खराब है। लोगों का आरोप है कि इस नाले की सफाई न होने से इसका गंदा पानी उनके घरों में घुस जाता है। वार्ड के रहने वाले सोमनाथ सोनकर, मनोज सोनकर, दीपक, रमेश, रवि आदि का कहना है कि समस्याओं से जूझना इस वार्ड के लोगों की नियति बन गई है। कई बार सभासद और नगर पालिका की अध्यक्ष को समस्याओं से अवगत कराया गया। आश्वासन तो मिलता है, मगर समाधान नहीं कराया जाता है। वार्ड वासियों का आरोप है कि जान बूझकर मिश्रौलिया वार्ड की उपेक्षा की जा रही है।





इंटरलॉकिग सड़क के किनारे पीले ईंट लगाने का आरोप



वार्डवासियों का आरोप है कि इंटरलॉकिंग में गुणवत्ता का खुला उल्लंघन किया जा रहा है। इंटरलॉकिंग करने से पहले वार्ड में बिछाई जा रही पत्थर की गिट्टी में ईंट के टुकड़े मिलाए जा रहा है। इंटरलॉकिंग सड़क के दोनों तरफ लगाई जा रही ईंट पीली है। लोगों का कहना है कि मानक विहीन सड़क बनवाने से अच्छा है कि डूडा काम ही नहीं करता। दिखाने के लिए किया जा रहा विकास कार्य बरसात के मौसम में वार्डवासियों के लिए समस्या बन जाएगी।


लोग बोले- निर्माण कार्य में मानक की अनदेखी


सड़क निर्माण से गलियां सकरी हो गई हैं। बरसात के मौसम में घरों में पानी भर जाएगा। निर्माण कार्य में मानक की अनदेखी की जा रही है। प्रशासन को इसकी जांच करानी चाहिए।

-मेवालाल सोनकार


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एक साल से मिश्रौलिया वार्ड में जलापूर्ति नहीं हो पा रही है। हैंडपंप या फिर खरीदकर पानी पीना पड़ रहा है। नगर पालिका गृह और जल कर टैक्स दोनों वसूल करता है। फिर सुविधाएं उपलब्ध नहीं करा रहा है।



-राजन सोनकर
कोट
मिश्रौलिया वार्ड के कुछ लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। वार्ड वासियों की शिकायत से एडीएम को अवगत कर दिया गया है। एडीएम मामले की जांच कर रहे हैं।
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-राजेश कुमार यादव, प्रभारी अधिकारी डूडा
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