पीएचसी बनकटी के भवन का आए दिन टूटकर गिर रहा प्लस्टर
दरार पड़ीं दीवारों व छतों से निकलते रहते हैं जीव-जंतु
संवाद न्यूज एजेंसी
बनकटी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र का भवन जर्जर हो चुका है। आए दिन प्लस्टर टूटकर गिरता रहता है। लोगों की सेहत का ख्याल रहने वाले चिकित्सा कर्मियों को डर कर नौकरी करनी पड़ रही है। भवन की छत से कई दफा प्लस्टर टूट चुका है। इसकी चपेट में आकर चिकित्सा कर्मी जख्मी हो चुके हैं।
बनकटी क्षेत्र की करीब एक लाख की आबादी को चिकित्सा सुविधा मुहैया कर रहे अस्पताल का निर्माण करीब 39 साल पहले कराया गया था। तब से यहां स्थानीय लोगों की सेहत का ख्याल रखा जा रहा है। अब अस्पताल भवन, कर्मचारी आवास जर्जर हो चुके हैं तो इनकी सूरत-ए-हाल जानने वाला कोई नहीं है। स्थिति बिगड़ने पर चार माह पूर्व ओपीडी और ईटीसी वार्ड का हिस्सा रिपेयर कराया था।
ईटीसी वार्ड में अब जच्चा-बच्चा इकाई का संचालन किया जा रहा है। चिकित्साकर्मी बताते हैं कि प्लस्टर टूट कर गिरना, दीवारों की दरारों से सांप व अन्य जंतु निकलना आम बात है। हमेशा मन में भय बना रहता है कि कहीं कुछ अनहोनी न हो जाए। क्षेत्र में अन्य कोई अस्पताल न होने की वजह से मजबूरी में मरीज यहां आते हैं।
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कर्मियों के आवासों की दशा देखकर लगता है डर
अस्पताल परिसर में ही चिकित्सा कर्मियों के रहने के लिए आवासों का निर्माण कराया गया है। इनकी स्थिति अस्पताल से कमतर नहीं है। आवासों की छतों व दीवारों पर पड़ीं दरारों में झाड़ियां उगी हुई हैं। टूटे हुए प्लस्टर और बदरंग हो चुकीं दीवारों को देखकर लगता है कि आवास अब खंडहर हो चुके हैं। पूरे परिसर में झाड़ियां उगी हुई हैं। अनहोनी की आशंका में चिकित्सा कर्मी इनमें रहने से डरते हैं।
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कोट
जिले की सभी खस्ताहाल चिकित्सालयों की सूची शासन को भेजी जा चुकी है। उच्चाधिकारियों के निर्देश पर पीएचसी बनकटी का नाम भी सूची में शामिल कराया गया है। संभव है कि इसी साल भवन निर्माण के लिए कुछ न कुछ निर्णय होगा।
-डॉ. राजेश कुमार, अधीक्षक, पीएचसी