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Basti News: संसाधन और मैनपावर बढ़े, नहीं बदली पुलिस की कार्यप्रणाली

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बस्ती। पुलिस महकमे में संसाधन और मैनपावर लगातार बढ़ रहे हैं, लेकिन थाना स्तर पर कार्यप्रणाली में अपेक्षित बदलाव नहीं दिख रहा है। अपराध से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और फरियादियों की सुनवाई नहीं होने से लोग थानों के बजाय एसपी कार्यालय का रुख कर रहे हैं। यहां शिकायत प्रकोष्ठ में रोजाना 50 से 100 तक फरियादी अपनी शिकायत दर्ज करा रहे हैं। कई ऐसे मामले भी एसपी के समक्ष पहुंच रहे हैं, जिनका समाधान थाना स्तर पर ही हो जाना चाहिए।
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जिले में चार पुलिस सर्किल हैं। जनसुरक्षा के लिए 16 थानों के अलावा महिला थाना, साइबर थाना और एएचटीयू थाना संचालित हैं। पहले पुलिस महकमे में बीट सिपाही, हेड कांस्टेबल, उपनिरीक्षक, निरीक्षक, आर्मरर और मिनिस्ट्रियल स्टाफ समेत करीब 2,600 कर्मचारी थे। मई 2026 में 650 नए पुलिसकर्मियों की तैनाती के बाद मैनपावर बढ़कर करीब 3,250 हो गया है। इसके अलावा अधिकांश थानों के पास आधुनिक कार्यालय भवन, पुलिसकर्मियों के लिए आवास और पेट्रोलिंग के लिए वाहन उपलब्ध हैं।
इसके बावजूद थाना स्तर पर प्रभावी मॉनीटरिंग की कमी की शिकायतें सामने आ रही हैं। नियमित गश्त में कमी के चलते चोरी, झपटमारी और अपहरण जैसी घटनाओं के बाद पुलिस अधिकारियों को खुद सक्रिय होना पड़ रहा है। शुक्रवार को एसपी कार्यालय में जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 50 से अधिक फरियादी पहुंचे। इनमें करीब 25 से 30 लोगों ने एसपी डॉ. यशवीर सिंह के सामने अपनी शिकायत रखी। कुछ मामलों में एसपी ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जबकि अन्य शिकायतों को संबंधित अधिकारियों के पास भेज दिया गया।
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मुंडेरवा क्षेत्र से आए राजेश चौधरी ने बताया कि थाना स्तर पर सुनवाई नहीं होने के कारण वह एसपी के पास पहुंचे। उनका कहना है कि एसपी ने मामले की जानकारी लेने के बाद कार्रवाई के निर्देश दिए।

न्यायालय के आदेश पर दर्ज हुए ये मामले
मुंडेरवा थाना क्षेत्र के उदयपुर गांव की रहने वाली पुष्पा ने न्यायालय में अर्जी लगाई कि विपक्षी उनके घर में घुस कर पति प्रदुम्न पर धारदार हथियार से प्रहार कर दिया। बीच-बचाव करने परिवार के लोग पहुंचे तो उन्हें भी मारापीटा गया। पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर अभी हाल ही में इस मामले में प्राथमिकी दर्ज की है। जुलाई माह में कलवारी थाना क्षेत्र के डडवा कला गांव निवासी पीड़िता इंद्रावती ने न्यायालय में प्रार्थना पत्र देकर कहा कि दो जून की सुबह लगभग आठ बजे उनके पड़ोसी अपने परिजनों के साथ लाठी-डंडा, ईंट, कुदाल और कुल्हाड़ी से लैस होकर उनके घर के सामने स्थित जमीन पर जबरन ईंट गिराने लगे। मना करने पर मारपीट की। न्यायालय के आदेश के बाद इस मामले में पुलिस ने 12 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की थी।

बेटी की मौत को आत्महत्या बताने का आरोप, एसपी से लगाई गुहार
दुबौलिया थाना क्षेत्र के उभाई गांव निवासी दुर्गा प्रसाद और उनकी पत्नी सरिता के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण शुक्रवार को एसपी कार्यालय पहुंचे। पीड़ित परिवार ने अपनी 14 वर्षीय बेटी आरती की मौत के मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की। परिजनों का आरोप है कि तीन अगस्त को आरती घर पर अकेली थी। रंजिश के चलते पड़ोसियों ने उसकी हत्या कर शव को दुपट्टे के सहारे बांस में बांधकर खड़ा कर दिया। ग्रामीणों ने घटना के समय पड़ोसियों की आवाजाही और चीख-पुकार सुनने की बात भी कही है। परिजनों के अनुसार, शव उतारे जाने के बाद उसका हाथ टूटा मिला। परिवार का आरोप है कि दुबौलिया पुलिस ने पोस्टमार्टम कराने के बाद मामले को आत्महत्या मान लिया और आगे कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की। पीड़ित पक्ष ने पुलिस की जांच पर भरोसा न होने की बात कहते हुए एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग की। एसपी ने मामले में निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है।

लापरवाही पर दरोगा-सिपाही हो चुके हैं निलंबित
थाना स्तर पर पुलिस की लापरवाही के मामले पहले भी सामने आ चुके हैं। लालगंज थाना क्षेत्र के कड़सरी मिश्र गांव में लक्ष्मण निषाद हत्याकांड में तत्कालीन चौकी प्रभारी बृजमोहन सिंह और बीट सिपाही अमरजीत यादव की लापरवाही सामने आने पर दोनों को निलंबित किया गया था। जून में परशुरामपुर थाने में तैनात तत्कालीन हेड कांस्टेबल जगत नरायन यादव, आरक्षी आनंद यादव और आरक्षी बृजभूषण सिंह का सार्वजनिक स्थान पर एक व्यक्ति से रुपये लेते हुए वीडियो वायरल हुआ था। जांच के बाद तीनों को निलंबित कर दिया गया। मुंडेरवा थाने में तैनात तत्कालीन उपनिरीक्षक जावेद खान पर भी विवेचना में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया था। एक मुकदमे में उन्होंने मृत महिला का बयान दर्ज कर उसे विवेचना में पेश कर दिया था। कोर्ट से मामला सामने आने के बाद एसपी ने संबंधित दरोगा को निलंबित कर दिया था।
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प्रबंधक पर जानलेवा हमला, अब तक गिरफ्तारी नहीं
वॉल्टरगंज थाना क्षेत्र के भरौली गांव निवासी विद्यालय प्रबंधक जगदंबा चौबे पर हाल में जानलेवा हमला किया गया। आरोप है कि उन्हें रात में कोतवाली क्षेत्र के सियरापार गांव के पास से उनके विपक्षियों ने अगवा कर लिया और मारपीट कर मरणासन्न हालत में छोड़ दिया। घायल प्रबंधक को नगर थाना क्षेत्र के नचना गांव के पास सड़क किनारे फेंककर आरोपी फरार हो गए। इस मामले में पुलिस अभी किसी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर सकी है।
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मेरा घर शराब की दुकान के बगल में है। घर से बाहर निकलने पर दुकान के सेल्समैन और अन्य लोग मेरे परिवार के साथ मारपीट करते हैं। पुलिस कार्रवाई नहीं कर रही है। उल्टे मेरे परिवार के खिलाफ ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया। बहू के साथ शिकायत लेकर एसपी के पास आई हूं।
-अनारकली, फरियादी, (वॉल्टरगंज)।
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14 साल की बेटी की पड़ोसियों ने हत्या की है। दुबौलिया पुलिस इसे आत्महत्या बता रही है। हमें स्थानीय पुलिस पर भरोसा नहीं है। इसलिए एसपी के पास आए हैं। हमारे साथ गांव के कई लोग भी हैं।
-सूरज, फरियादी (उभाई)।
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कोट
सभी थानेदारों को त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। जिनके स्तर पर लापरवाही पाई जाती है, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई की जाती है। कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो संबंधित अधिकारी और कर्मचारी बख्शे नहीं जाएंगे। अपराध रोकना और पीड़ित के पक्ष में त्वरित कार्रवाई करना पुलिस का पहला कर्तव्य है।
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-डॉ. यशवीर सिंह, एसपी।
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