शास्त्रीय गायन-वादन में होगा शोध, एमओयू साइन
बस्ती। छत्रपति शाहूजी विश्वविद्यालय कानपुर व रिदम एकेडमी के बीच मेमोंरेंडम आफ अंडरस्टैंडिंग (एमओयू) पर हस्ताक्षर हुए हैं। इसमें संगीत, नृत्य, गायन व सामाजिक कार्य को लेकर अध्ययन, शोध, प्रदर्शन और संकलन के साथ ही विद्यार्थियों को प्रोफेसर,शिक्षक संस्थान के साथ ही परस्पर सहयोग प्रदान करेंगे।
सीडीओ की पत्नी व रिदम एकेडमी की डायरेक्टर डॉ.श्रेया ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि समझौते में दोनों पक्ष मिल कर डिप्लोमा सर्टिफिकेट, वोकेशनल कोर्स सहित अनेक प्रकार के एकेडमिक एवं रिफ्रेशर कोर्स का संचालन करेंगे। प्रदेश की सांस्कृतिक विविधताओं के साथ ही स्थानीय बोलियों सहित अवधी, बुंदेली, भोजपुरी, पूर्वांचली, बघेली सरीखी बोलियों के प्रचार-प्रसार पर जोर देगी। सांस्कृतिक मूल्यों, रीति-रिवाजों परंपराओं, बहुमूल्य धरोहरों का संवर्धन करेगी। बताया कि लोक विधाओं में गायन,वादन एवं नृत्य शैलियों के लिए प्रदेश के कलाकारों को मंच प्रदान कराने का करार इसमें प्रमुख रूप से शामिल हैं। कुल सात समझौतों पर अंतिम मुहर लगी है। एमओयू में अकादमी की ओर से परियोजना प्रमुख दुर्गेश पाठक,कोआर्डिनेटर जय सिंह,कंचन, अंशिका, अभिजीत,समरीन और छत्रपति शाहूजी यूनिवर्सिटी से प्रोफेसर सुधीर कुमार अवस्थी(रजिस्ट्रार),डॉ. रिचा शर्मा, डॉ. रश्मि गौड़ व डॉ. अमित शामिल रहे।