गायघाट (बस्ती)। साधन सहकारी समिति चरकैला पर 15 वर्षों बाद किसानों को डीएपी मिलनी शुरू हो गई। इससे माझा क्षेत्र के चरकैला, सुअरहा, गंगापुर, भगवंतपुर, माझाकला, मुरादपुर, पाकरडाड, मिर्जापुर सहित विभिन्न क्षेत्रों के किसानों ने राहत की सांस ली।
समिति लगभग 15 वर्षों से बंद पड़ी थी, जिससे किसानों को खाद लेने के लिए 15 किमी दूर जाना पड़ रहा था। साधन सहकारी समिति चरकैला के अध्यक्ष प्रतिनिधि रवि पांडेय और सचिव राजीव मिश्र के अथक प्रयास से चरकैला समिति चालू हो गई उपरोक्त मामले को उजाला ने 21 नवंबर के अंक में 15 वर्षों से लटक रहा साधन सहकारी समिति चरकैला पर ताला खाद के लिए 15 किमी की दौड़ मजबूरी शीर्षक से प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका असर रहा कि समिति पर किसानों को खाद मिलने का सिलसिला शुरू हो गया। क्षेत्र के रमाशंकर पांडेय नागेंद्र कुमार, हरिश्चंद्र चौरसिया, राजाराम गुप्ता सहित तमाम ग्रामीणों ने खुशी जाहिर की है। कुदरहा में डंप है 450 बोरी डीएपी : लगभग दस दिनों से साधन सहकारी समिति कुदरहा पर 450 बोरी डीएपी डंप है। समिति पर कई दिनों से ताला लटक रहा है। विभाग के जिम्मेदारों की लापरवाही के कारण डीएपी किसानों को नहीं बट पा रही है।
इससे किसान समिति का चक्कर काटने को मजबूर हैं। किसान परेशान हाल में प्राइवेट दुकानदारों के यहां 1700 रुपये प्रति बोरी डीएपी और 330 रुपया प्रति बोरी यूरिया खरीदने को मजबूर हैं। क्षेत्र के किसानों का कहना है कि सचिव के पास तीन समितियां का चार्ज है, लेकिन किसी समिति पर खाद्य वितरण नहीं हो पता है।