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गैंगरेप से इन्कार, पुलिस ने पति को ही दोषी माना

Fri, 16 Oct 2015 12:48 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, बस्ती
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नगर थाना क्षेत्र में हाइवे पर तिलकपुर गांव के पास 14 सितंबर की रात लहूलुहान हालत में मिली महिला के साथ गैंगरेप की बात नकारते हुए पुलिस ने महिला की उस हालत के लिए पति को ही दोषी बताया है।
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 चरित्र पर शक को लेकर कहासुनी होने के बाद महिला घर छोड़ आई थी। पीछा करते पहुंचे पति ने हाइवे पर उसे बुरी तरह पीटते समय नाजुक अंगों पर भी गंभीर प्रहार किए और हालत बिगड़ने पर पति-पत्नी ने इसे गैंगरेप का मामला बता दिया था।

बृहस्पतिवार को मामले का खुलासा करते हुए एसपी कृपाशंकर सिंह ने बताया कि प्रथमदृष्ट्या महिला की बात सही लगी लेकिन इलाज के दौरान डॉक्टरों को रेप के मुकाबले हमले की नीयत से चोट पहुंचाने के संकेत मिलने पर पति और पत्नी से अलग-अलग पूछताछ की गई।
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 सख्ती के बीच पति ने चरित्र पर शक के कारण महिला को हाइवे पर बेरहमी से पीटने के बाद खुद के बचाव के लिए वापस घर आकर लेट जाने की बात कबूल की, जिसके बाद उसे गिरफ्तार कर लिय गया। अदालत में पेशी के बाद उसे जेल आरोपी पति राघव को जेल भेज दिया गया।

पुलिस की मानें तो 14 सितंबर की रात पति के बर्बर रवैये के कारण बुरी तरह लहूलुहान होने की वजह से महिला लंबे समय अर्द्धचेतन हालत में रही। शिनाख्त के आधार पर घर पहुंची पुलिस की सूचना से मौके पर आए पति ने महिला को ट्रक ड्राइवर के जबरदस्ती उठा लेने और दुराचार किए जाने की झूठी कहानी पेश की, जिसपर अर्द्धचेतन हालत में महिला से हामी भरवाने का नाटक करता रहा।

मेडिकल कॉलेज में कई दिन के इलाज के बाद पूरी तरह होश में आने के बाद दिए बयान में महिला ने पति पर ही दरिंदगी का आरोप लगाया। स्वस्थ होने के बाद कोर्ट में बयान कराए तो भी महिला ने यही बात दोहराई, जिसके बाद हिरासत में लेकर सख्ती से पूछताछ करने पर उसका पति राघव टूट गया।

 सच स्वीकारने के साथ वो सरिया भी बरामद कराई, जिसके इस्तेमाल से पत्नी को इस हालत में पहुंचा दिया था कि मामला गैंगरेप के बाद बर्बरता से हमले का लगने लगा।
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