23धान की खरीद करने वाली क्रय एजेंसी पीसीएफ का जनपद की 23 राइस मिलों पर
5.06 करोड़ रुपये का 2712 मीट्रिक टन सरकारी चावल बकाया है। जिस धान को
कूटकर मिलों को 20 दिन में जमा करना था, वह 14 साल बाद भी जमा नहीं हुआ।
यही नहीं आरसी जारी होने के बाद भी वसूली नहीं हो पा रही।
इस संबंध में
पीसीएफ के प्रबंध निदेशक विपिन कुमार द्विवेदी ने डीएम को पत्र लिखकर
वसूली की सिफारिश की है। इस पर डीएम अनिल कुमार दमेले ने वसूली करने के लिए
मिलों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करने का आदेश तहसीलों को दिया है।
जिन मिलों पर सरकारी चावल बकाया है, उनमें बृजेश राइस मिल 90 लाख, ओम
इंडस्ट्रीज 68 लाख, कुंवर राइस मिल 58 लाख, हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज 50 लाख,
हिंद एग्रो इंडस्ट्रीज बभनान 37 लाख, सिद्घी विनायक मिल 29 लाख, विष्णु
इंडस्ट्रीज मिल 23 लाख, निरूपमा फूड व चौधरी राइस मिल 19-19 लाख, मां भवानी
राइस मिल 16 लाख, गुलाब राइस मिल व हर्ष इंडस्ट्रीज पर 14 14 लाख, ओम
ट्रेडर्स आठ लाख, प्रकाश राइस मिल सात लाख, कुुबेर राइस मिल छह लाख, शाहिद
मिल व हरि इंटरप्राइजेज पांच पांच लाख, अग्रहरि राइस मिल साढ़े चार लाख,
नरायण ट्रेडर्स व सिंह मिनी राइस मिल पर चार चार लाख एवं अनुराधा राइस मिल
पर साढ़े तीन लाख रुपये से अधिक का बकाया है।