बस्ती। स्वास्थ्य विभाग में स्टेशनरी खरीद, उपकेंद्रों के संचालन और आशा संगिनी भर्ती में कथित अनियमितताओं की जांच तेज हो गई है। विजिलेंस गोरखपुर ने तत्कालीन सीएमओ डॉ. रमाशंकर दुबे के कार्यकाल से जुड़े विभिन्न मामलों के अभिलेख मांगे हैं।
सीएमओ कार्यालय ने अभिलेख जुटा लिए हैं और इन्हें दो दिन में विजिलेंस को भेजने की तैयारी है। अभिलेख मिलने के बाद जांच में तेजी आने की उम्मीद है। विजिलेंस ने सीएमओ को भेजे पत्र में किराये पर संचालित 81 उपकेंद्रों के लिए आवंटित 1.60 करोड़ रुपये से जुड़े अभिलेख मांगे हैं।
इनमें सामान की खरीद, निविदा और जेम पोर्टल से संबंधित दस्तावेज शामिल हैं। साथ ही उपकेंद्रों के संचालन से संबंधित नियमावली और शासनादेश की प्रमाणित प्रतियां भी मांगी गई हैं। जुलाई 2024 में स्टेशनरी खरीद के लिए मिले बजट का ब्योरा भी मांगा गया है। इसके अलावा करीब 50 लाख रुपये की स्टेशनरी खरीद से संबंधित अभिलेख, निविदा प्रक्रिया और जेम पोर्टल के दस्तावेज उपलब्ध कराने को कहा गया है। विजिलेंस ने इन सभी अभिलेखों को सात दिन में उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे।
जांच आगे बढ़ने के साथ सीएमओ कार्यालय के कुछ कर्मचारियों की भूमिका भी जांच के दायरे में आ सकती है। खरीद और भर्ती प्रक्रिया से जुड़े कर्मचारियों की भूमिका संदिग्ध पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संभावना है।
आशा संगिनी भर्ती के दस्तावेज भी जांच में : करीब डेढ़ वर्ष पहले हुई आशा संगिनी भर्ती से जुड़े अभिलेख भी विजिलेंस ने मांगे हैं। भर्ती की नियमावली, शासनादेश, प्रकाशित विज्ञापन, आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की संख्या, साक्षात्कार में शामिल अभ्यर्थियों का ब्योरा और चयनित अभ्यर्थियों की जानकारी उपलब्ध कराने को कहा गया है।