महिला अस्पताल में ऑपरेशन के बाद बच्चे को गोद में लिए परिजन।
महिला अस्पताल में सोमवार को सात बेटों सहित 13 बच्चों ने जन्म लिया, पंडित बोले- उज्ज्वल है इन बच्चों का भविष्य
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती।
यूं तो एक महिला का मां बनना हमेशा ही जीवन का एक खास लम्हा होता है, और अगर वह दिन रामलला की प्राण प्रतिष्ठा का हो तो क्या ही कहने। ऐसा ही यादगार लम्हा जिले की करीब दर्जनभर महिलाओं के जीवन में आया है। जिला महिला अस्पताल में सोमवार को 13 महिलाओं ने बच्चों को जन्म दिया, इनमें सात बालक है। इनके जन्म पर परिवार कि खुशी इतनी थी कि बेटों में कोई प्रभु राम की छवि देख रहा था तो बेटियों में सीता की। बरबस ही उनके मुंह से निकल गया ... वहां अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा हो रही है.. यहां हमारे घर राम आ गए।
जिला महिला चिकित्सालय में सोमवार सुबह से ही हर्षोल्लास का माहौल था। एक तरफ अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा की खुशी थी, जिसे लोग मोबाइल पर देख रहे थे, तो दूसरी तरफ परिवार में आने वाले नए मेहमान की प्रतिक्षा, जिसका कई दिन से इंतजार था। डॉक्टर ने कई महिलाओं के प्रसव के लिए 22 जनवरी की तिथि दी थी। और वह पल भी आ गया। एक-एक कर जैसे-जैसे बच्चे जन्म लेते गए..परिवारवारवालों की खुशी का पारावार न रहा। इस यादगार दिन पर बच्चों के जन्म की परिवार वालों में इतनी खुशी थी कि वे कहने लगे कि मेरे घर भी राम और जानकी आ गए। बच्चों के जन्म पर सारे अस्पताल में परिवारवालों ने मिठाइयां बाटीं।
जच्चा- बच्चा दोनों की हो रही निगरानी
महिला अस्पताल की सर्जन डॉ. ममता रानी ने बताया कि सोमवार को 13 बच्चों ने जन्म लिया। इनमें छह बेटियां और सात बेटे हैं। सभी बच्चे स्वस्थ हैं। जच्चा- बच्चा की निगरानी की जा रही है।
आज जन्मे बच्चों का भविष्य होगा उज्ज्वल
ब्लाक रोड निवासी पंडित विजेंद्र पांडेय ने बताया कि प्रभु श्रीराम की प्राण प्रतिष्ठा के दिन जन्मे बच्चों का भविष्य उज्ज्वल होगा। वे लोग परम सौभाग्यशाली हैं, जिनके घर इस तिथि में बच्चों ने जन्म लिया है। भगवान राम ने उनके घर खुशियां भेजी हैं। बेटी हो या बेटा दोनों सौभाग्यशाली हैं।