प्राण प्रतिष्ठा के बाद सोहर गाते किन्नर
बस्ती। किन्नरों के घर भी श्रीराम आए। पूजन-अर्चन, भजन-कीर्तन की बौछार हुई। प्रभु श्रीराम लला के प्राण प्रतिष्ठा के अवसर पर किन्नरों ने नृत्य, संगीत से समां बांध दिया। प्रभु श्रीराम के प्राकट्य पर सोहर गीत गाए गए। माहौल पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
रौता पार मोहल्ले में स्थित किन्नर काजल के आवास पर रामोत्सव मनाया गया। यहां किन्नर समाज के लोग पूजन-अर्चन के साथ नृत्य-संगीत की धूम मचा दिए। पूरे दिन यहां आयोजन चला। किन्नर काजल रामोत्सव की अगुवाई कर रही थीं। साथी किन्नर एक से बढ़कर भजन प्रस्तुत कर प्रभु श्रीराम के आगमन को यादगार बनाने में जटी थीं। जुग-जुग जियसु ललनवा, भवनवा के भाग्य जागल हो... जैसे भाव विह्वल करने वाले सोहर की प्रस्तुति हुई।
ढोल, मजीरा, हारमोनियम के साथ किन्नर झूमते नजर आए। बीच-बीच में जय श्रीराम के नारे भी लगे। इनके आयोजन को देखने के लिए आसपास के लोग भी एकत्र हो गए। जिन्हें प्राण प्रतिष्ठा के बाद किन्नरों ने प्रसाद ग्रहण कराया। किन्नर काजल ने कहा कि यह क्षण, यह उत्सव हम सभी के जीवन के लिए अद्भुत है। अयोध्या में प्रभु श्रीराम के पुर्न आगमन को कभी भुलाया नहीं जा सकता है। यह नए रामयुग का शुभारंभ है।