बेड़े की तीन बसें होंगी नीलाम, लाइन में लगीं दस और
बस्ती डिपो में फिर घट जाएंगी दर्जन भर से अधिक बसें
बेड़े की 90 बसों के सहारे होगा यात्रियों का आवागमन
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। परिवहन निगम मुख्यालय ने बस्ती डिपो की तीन बसों को नीलाम करने की संस्तुति दे दी है। जबकि दस और जर्जर बसें नीलामी की लाइन में खड़ी हैं। इससे अब यात्रियों को बेड़े में शामिल 90 बसों के सहारे ही लंबे व छोटे रूटों पर यात्रा करनी पड़ेगी।
पांच वर्ष पहले प्रदेश के बड़े बस अड्डों में शामिल बस्ती डिपो में कुल तकरीबन सवा सौ बसें लंबे व छोटे रूटों पर यात्रियों को सेवा देती थीं। इनमें जब कुछ अपनी आयु सीमा 20 वर्ष पूरी कर लेती थीं और कुछ बसें 11 लाख किमी से अधिक चल कर जर्जर हो जाती थीं तो उन बसों को नीलाम कर दिया जाता था। लिहाजा संख्या घटती गई। वहीं, नई बसें न मिलने से इन दिनों सिर्फ 103 बसें ही रह गई हैं। इनमें 13 बसें छह महीने से नीलामी की राह में खड़ी होकर विभागीय प्रक्रिया का इंतजार कर रही हैं, तो मुख्यालय ने तीन बसों को नीलाम करने की संस्तुति भी दे दी है। इससे यात्रियों का आवागमन प्रभावित हो सकता है।
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बसों के सापेक्ष नहीं हैं चालक-परिचालक
बस्ती डिपो के बेड़े में शामिल 90 बसों के सापेक्ष चालक-परिचालक ही नहीं उपलब्ध हैं। कारण यह है कि 1989 से जहां नई भर्तियां नहीं की गईं। वहीं संविदा पर परिचालक तो बहुत मिल जाते हैं। लेकिन चालकों की भर्ती के लिए परिवहन निगम कई बार कैंपों का आयोजन कर चुका है, लेकिन मानक के अनुसार चालक ही नहीं मिल पाते हैं।
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बेड़े की तीन बसों को नीलाम करने की संस्तुति मिल चुकी है। अभी दस और बसों की नीलामी प्रस्तावित है। बसों की संख्या घटने से यात्रियों का आवागमन नहीं प्रभावित होगा। इसके लिए बसों का इंतजाम फौरी तौर पर अन्य डिपो से कर लिया जाएगा।
- चंद्रभान भाष्कर, सीनियर फोरमैन, बस्ती डिपो।
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रोडवेज पर एक नजर
- कुल विभागीय 90 बसों के अलावा 24 अनुबंधित बसें भी हैं।
- नियमित चालक 48
- नियमित परिचालक 36
- संविदा चालक 136
- संविदा परिचालक 158
- बस से हटकर आफिस व अन्य कार्यों में लगे नियमित परिचालक 19
- इनमें एक चौथाई कर्मी रेस्ट व अवकाश पर रहते हैं।
- 21 लोकल रूटों पर अनुबंधित बसें संचालित हैं।
- 5 अन्य रुटों पर बसें प्रस्तावित हैं। इनमें बस्ती-मुखलिसपुर, बस्ती-ऊंजी, बस्ती-बांसी-कानपुर, बस्ती-तामेश्वरनाथ व बस्ती-मझौआ कला रूट शामिल है।