डीपीओ की ओर से केस दर्ज कराए जाने की चेतावनी के बावजूद आंगनबाड़ी कर्मियों एवं सहायिकाओं का लंबित मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन जारी रहा। अवकाश के दिन भी सभी ब्लॉकों में धरना दिया गया। संघ के जिलाध्यक्ष रतनबाला श्रीवास्तव ने परियोजना कार्यालयों पर आंदोलित आंगनबाड़ी कमियों एवं सहायिकाओं का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि धमकियों से घबड़ाने की जरुरत नहीं है। डीपीओ को स्पष्टीकरण का जवाब दे दिया है। बताया कि 22 सितंबर को विकास भवन कार्यालय के समक्ष स्थानीय समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर सामूहिक धरना प्रदर्शन होगा।
सांऊघाट में ब्लाक अध्यक्ष उर्मिला त्रिपाठी की अगुवाई में सीडीपीओ कार्यालय पर प्रदर्शन किया। धरने में संतोषी शुक्ला, मीरा चौधरी, रीता, आशा, राधा, ऊषा, हेमलता अनीता, अंजूरानी, चन्द्रावती, किस्मती, नीलम, प्रकाशमती आदि सैकड़ो आंगनवाड़ी कार्यकत्री एवं सहायिकाएं प्रमुख रुप से मौजूद रहीं सल्टौआ में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों ने अपनी मांगो को लेकर सीडीपीओ कार्यालय में तालाबंदी कर प्रदर्शन किया और विरोध स्वरूप मुख्यमंत्री का पुतला जलाया। ब्लॉक अध्यक्ष सरोज शुक्ला ने कहा कि हमारी मांगे अविलंब नही मानी गई तो शासन प्रशासन के खिलाफ लड़ाई और तेज की जाएगी। धरने पर कुन्दकली, कादम्बरी, शकुंतला, फूलपरी, पूनम पाण्डेय, मिथलेश, मन्जू त्रिपाठी, रन्जू त्रिपाठी, कुसुम मिश्रा, समुन्र्दा, पूर्णिमा, सरोज, गुड़िया, शशिकला, अर्चना, सुशीला, सरिता, ममता, गंगोत्री, गीता, बिजय लक्ष्मी, पार्वती, ज्ञान मती, सुधा, श्नेहलता, मालती, मीरा, शीला, गायत्री, कलावती, आरती, शोभा, उषा, सुमन, निर्मला, अनीता, सुषमा, चन्द्रावती, सूर्यमती मौजूद रहीं।