बस्ती। जिले के ऐतिहासिक चंदो और मड़नी ताल के जीर्णोद्धार कार्य फिर अटक गया। सौंदर्यीकरण और नए कार्य के लिए भेजे गए प्रस्ताव को शासन ने बजट का हवाला देकर लौटा दिया है। इससे अब इंतजार बढ़ गया है।
वन विभाग ने नगर क्षेत्र में स्थित ऐतिहासिक चंदो ताल को इको टूरिज्म के रूप में विकसित करने के लिए प्रस्ताव भेजा था। वर्षों से उपेक्षित इस ताल को नई पहचान दिलाने के लिए वन विभाग ने करीब 16 करोड़ रुपये की परियोजना तैयार की थी। 12 हेक्टेयर में फैले इस ताल की खूबसूरती को निखारने के लिए कई योजनाएं प्रस्तावित की गई थीं। इनमें कैक्टस पार्क, वॉच टावर, झूले, ताल की पूरी सफाई और एक छोटा कृत्रिम ताल शामिल था।
डीएफओ ने बताया कि इस योजना का उद्देश्य क्षेत्र के पर्यावरण को बढ़ावा देने के साथ-साथ लोगों को प्राकृतिक पर्यटन की ओर प्रेरित करना है। वन क्षेत्राधिकारी (डीएफओ) सरीन सिद्दीकी ने बताया कि चंदों ताल की सुंदरता और प्राकृतिक महत्व को देखते हुए इसे इको टूरिज्म साइट के रूप में विकसित करने की योजना है। बताया कि प्रस्ताव को शासन में भेजा गया था। लेकिन बजट के अभाव में प्रस्ताव वापस किया गया है। अब नये सिरे से प्रस्ताव को संशोधित करते हुए भेजा जाएगा। इसके पुनरुद्धार से स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे। साथ ही जिले को एक नया पर्यटन केंद्र भी मिलेगा।
पर्यावरण संतुलन बनाए रखने के लिए इस क्षेत्र में पौधरोपण और जैव विविधता संरक्षण पर भी ध्यान दिया जाएगा। शासन में जल्द ही रिवाइज प्रस्ताव भेज दिया जाएगा। स्वीकृति मिलने पर ही कार्य शुरू होगा।