बस्ती। दिव्यांगजनों की समस्याओं के निराकरण के लिए सोमवार को राजकीय इंटर कॉलेज बहुउद्देशीय हाल में मोबाइल कोर्ट का आयोजन किया गया। राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, उप्र प्रो. हिमांशु शेखर झा ने दिव्यांगों की समस्याओं को सुनकर विभागों को तत्काल समाधान के लिए निर्देशित किया। 55 मामले आए, जिसमें 13 का निस्तारण मौके पर किया गया।
कोर्ट में एक वर्षीय अर्निका सोनी ग्राम व पोस्ट-मुंडेरवा, बस्ती जो बोलने व सुनने में अस्मर्थ थी। मोबाइल कोर्ट में परिजनों ने दिव्यांग प्रमाण पत्र बनवाने के लिए पीजीआई लखनऊ से जारी बेरा जांच सहित बोर्ड में प्रयास किया गया मगर, डॉक्टर ने बेरा जांच के लिए मेडिकल काॅलेज लखनऊ रेफर किया गया है फिर भी दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जा रहा है। जिस पर राज्य आयुक्त ने सीएमओ डॉ. राजीव निगम को तत्काल दिव्यांग प्रमाण निर्गत करने के लिए आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देशित किया गया।
मोबाइल कोर्ट आयोजन में पुलिस विभाग, परिवहन विभाग, स्वास्थ्य विभाग, समाज कल्याण विभाग, खाद्य एवं रसद विभाग, शिक्षा विभाग, लीड बैंक, पंचायत राज आदि विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मोबाइल कोर्ट में कुल 55 दिव्यांगजनों की शिकायत राज्य आयुक्त के सामने आईं। साथ ही सीएमओ कार्यालय द्वारा 22 दिव्यांगजनों का मौके पर ही दिव्यांग प्रमाण पत्र जारी किया। मोबाइल कोर्ट में प्राप्त हुई समस्त शिकायतों का निस्तारण एक माह के भीतर करते हुए न्यायालय राज्य आयुक्त, दिव्यांगजन लखनऊ को अवगत कराने के भी निर्देश दिये गये।
उप निदेशक मोनिका लाल, जिला दिव्यांगजन विकास अधिकारी तनुज त्रिपाठी, वरिष्ठ सहायक धर्मेंद्र कुमार, रमेश कुमार, अनूप कुमार पांडेय, राहुल राजभर, गोविंद ने सहयोग किया। सीएमओ कार्यालय की ओर से डॉ. एके दूबे, डॉ. सुनील मिश्र, डॉ. एसएस कन्नैजिया, डॉ. विजय यादव, हरेंद्र प्रसाद, संगीता, देवनाथ ने सहयोग किया।
-