फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हर चौराहा जाम, आम आदमी हलकान

विज्ञापन
रौता चौराहे पर लगा जाम। - फोटो : amar ujala
विज्ञापन
बस्ती। आम आदमी का यहां सड़क पर चलना मुश्किल है। इसका कारण कुछ और नहीं बल्कि बेतरतीब पार्किंग और अतिक्रमण है। इन स्थितियों के चलते यहां हर चौराहा जाम है और यात्री हलकान हैं। हालांकि, जिम्मेदारों ने तमाम प्रयास भी किए मगर हालात में कहीं कोई तब्दीली नहीं आई है। 
विज्ञापन

बात शुरू करते हैं कंपनी बाग से। यहां यूं तो सिग्नल सिस्टम पर यातायात व्यवस्था संचालित होती है, मगर यहां पटरियों पर अतिक्रमण के चलते सड़क संकरी हो गई है। यही नहीं इसी चौराहे पर एक ओर अतिक्रमण और दूसरी ओर टैक्सी स्टैंड यात्रा में मुश्किलें खड़ी करता है। इस चौराहे से पानी टंकी कटरा की ओर बढ़ें तो यहां भी स्थिति खासी खराब है। क्योंकि यहां पटरियों पर अतिक्रमणकारियों ने कब्जा कर लिया है। ऐसे में सड़क पर केवल वाहन ही नहीं बल्कि लोग पैदल भी यात्रा करते हैं। यहां सुभाष चौक पर दिन भर जाम लगा रहता है। कटरा चौराहे की भी यही स्थिति है। इसके बाद आइए मालवीय मार्ग पर चलें। यह रौता चौराहा है। यहां चार ओर से वाहन आते-जाते हैं। दिन में इस चौराहे पर कई बार जाम लगता है। शाम को तो स्थिति और भी खराब हो जाती है। स्कूल की छुट्टी के समय तो यहां घंटों यात्रा ठप हो जाती है और हर कोई परेशान हो जाता है। इसका कारण भी अतिक्रमण ही है। यहां पटरियों पर एक ओर सब्जी बाजार लगता है तो दूसरी ओर खाद्य सामग्री के ठेला व अस्थायी दुकानों ने कब्जा कर रखा है। ऐसे में सुबह से शाम तक यहां जाम लगा रहता है। इस मार्ग पर रंजीत चौराहा पर भी अक्सर जमा लगा रहता है तो नेहरू तिराहे पर जाम के चलते दिन भर वाहन रेंगते हैं। यहां एक ओर दुकानदारों ने कब्जा कर रखा है तो दूसरी ओर अवैध टैक्सी स्टैंड कोढ़ में खाज का काम करता है। उस पर इस मार्ग पर भारी वाहनों का भी आवागमन होता है। 
आइए गांधी नगर चलें। यहां राजकीय इंटर कॉलेज से लेकर गुरु गोविंद सिंह चौक तक अतिक्रमण का बोलबाला है। करीब दस फीट की पटरियों पर मुख्य बाजार से लेकर उक्त चौक तक ठेला, सब्जी व दुकानदारों के बोर्ड सजे रहते हैं तो सड़क के बीचोंबीच पार्किंग है। पटरियों पर कब्जा और सड़क के बीच पार्किंग से सड़क महज पांच फीट से भी कम रह जाती है। ऐसे में इस पर दिन भर जाम लगता है। यही हाल पुरानी बस्ती क्षेत्र के दक्षिण दरवाजा, स्टेशन चौराहा, नई बाजार व पांडेय बाजार का भी है। पटरियां कब्जे में तो सड़क संकरी है।  इस संबंध में नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणि भूषण त्रिपाठी ने कहा कि अतिक्रमण हटाने की रणनीति प्रशासन के माध्यम से तय की जा रही है। कुछ तकनीकी कारणों के चलते अस्थायी अतिक्रमण हटाया नहीं जा पाया है। इसका कोई न कोई रास्ता पालिका निकालेगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें