संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। दूल्हे राजा की बरात इको फ्रेंडली नहीं हो पा रही है। डीजे के शोर में दिल धड़क रहा है, जिस राह से बरात गुजर रही है, वहां सड़क पर जाम की स्थिति है। खुशी की खुमारी ऐसी कि दूसरों की परेशानी की कोई चिंता नहीं है। शादी के जश्न में डीजे का शोर ध्वनि प्रदूषण का स्तर बढ़ा रहा है, तो आतिशबाजी के दौरान बारूद के धुएं वायु की गुणवत्ता बिगाड़ रहे हैं। सहालग में मैरेज हाल के आसपास की आबादी रोजाना इन दुश्वारियों का सामना कर रही है।
शहर में ध्वनि प्रदूषण का स्तर बर्दाश्त के बाहर होता जा रहा है। अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि साइलेंस जोन में औद्योगिक क्षेत्र से भी ज्यादा शोर आंका जा रहा है। साइलेंस जोन में 40 डेसिबल से ज्यादा शोर प्रतिबंधित है, जबकि औद्योगिक क्षेत्र में सबसे ज्यादा 70-75 डेसिबल का मानक है। विशेषज्ञों के अनुसार ब्लॉक रोड, सिविल लाइन, मालवीय मार्ग जैसे साइलेंस जोन में गाड़ियों के तेज हॉर्न, बरात, डीजे और जुलूस के शोर से प्रदूषण का स्तर 90-100 डेसिबल से भी ऊपर पहुंच जा रहा है।
यही वजह है कि शहर भर के तमाम आवासीय क्षेत्रों में बुजुर्ग, अस्पतालों में बीमार और स्कूल-कॉलेजों के छात्र परेशान हैं। धार्मिक स्थलों में पूजा-पाठ करने जा रहे भक्तगण भी विचलित हैं। डॉक्टरों की सलाह है कि साइलेंट जोन में भले रहते हों, लेकिन अगर शोरगुल वाले माहौल में काम करते हैं तो साल में एक बार सुनने की क्षमता की जांच जरूर करा लें। ऐसा भी हो सकता है कि आप खुद को फिट समझते हों, पर जांच में बीमारी सामने आ जाए।
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