आदर्श रेलवे स्टेशन पर सुविधाएं खराब
पेयजल, शौचालय और बैठने तक की नहीं है व्यवस्था
सूर्यास्त होने के बाद अंधेरे में डूब जाता है रेलवे स्टेशन
संवाद न्यूज एजेंसी
गौर। रेलवे स्टेशन को आदर्श का दर्जा मिला हुआ है। लेकिन, यहां यात्री सुविधाएं आदर्श स्तर की नहीं हैं। शौचालय, पेयजल सहित अन्य सुविधाएं खराब हैं। प्लेटफॉर्म संख्या एक का निर्माण लंबे समय से चल रहा है, लेकिन इसका कार्य अभी तक पूरा नहीं हुआ।
कस्बे में ब्लॉक मुख्यालय, महाविद्यालय, आईटीआई और थाना आदि होने के कारण बड़ी संख्या में यात्रियों का आना-जाना लगा रहता है। स्टेशन परिसर में दाखिल होने के लिए यात्रियों को झाड़ियों के बीच से पगडंडी के रास्ते जाना पड़ता है। प्लेटफार्म संख्या दो की बाउंड्रीवॉल तमाम जगह से टूट चुकी है। जिसके चलते प्लेटफार्म पर छुट्टा मवेशी घूमते दिख जाते हैं। स्टेशन परिसर में सार्वजनिक शौचालय नहीं है। प्लेटफार्म पर करीब छह इंडिया मार्का हैंडपंप स्थापित किए गए हैं। इसमें चार खराब पड़े हैं। यात्रियों को पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ती है। प्लेटफार्म पर बैठने के लिए बेंच की व्यवस्था नहीं है। सबसे अधिक असुविधा यात्रियों को शाम के समय होती है। सूर्यास्त होने के बाद स्टेशन परिसर अंधेरे में डूब जाता है। स्टेशन पर जनरेटर लगा है। लेकिन इसे ट्रेन आने जाने के समय ही चलाया जाता है। बाकी समय यह बंद रहता है। स्टेशन अधीक्षक राम गुलाब ने बताया कि सुंदरीकरण और प्लेटफार्म का निर्माण कार्य चल रहा है। जिससे यात्रियों को कुछ असुविधाएं हो रही हैं। पेयजल बूथ और शौचालय को तोड़कर नए सिरे से निर्माण कार्य कराया जाना प्रस्तावित है।