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स्वास्थ्य कर्मियों के अवकाश पर 30 सितंबर तक रोक

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डाक बंगले पर कैबिनेट मंत्री सिद्घार्थ नाथ सिंह स्वास्थ्य अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए। - फोटो : BASTI
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स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर 30 सितंबर तक रोक
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बस्ती। संचारी रोग नियंत्रण माह जेई/एईएस से बचाव के लिए तैयारी के कारण 30 सितंबर तक स्वास्थ्यकर्मियों के अवकाश पर रोक लगा दी गई है। ये निर्देश प्रदेश के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने दिए हैं। वे बृहस्पतिवार को सर्किट हाउस में मंडलीय समीक्षा बैठक ले रहे थे।
उन्होंने कहा कि जेई/एईएस से मृत्युदर को पिछले वर्ष की तुलना में आधा करने का लक्ष्य है। इसे प्राप्त करने के लिए अधिकारी पूरे मनोयोग से कार्य करें। संचारी रोग नियंत्रण माह में स्वास्थ्य के साथ 12 अन्य विभागों की समीक्षा की। स्वास्थ्य विभाग का लक्ष्य पूरा मिला, लेकिन अन्य 12 विभागों का कार्ययोजना के अनुसार कार्य नहीं पूरा हो पाया था। मंत्री ने आयुक्त को निर्देश दिए कि वे सिद्धार्थनगर और संतकबीरनगर में डीएम के जरिए सभी विभागों को सक्रिय करें ताकि 31 जुलाई तक लक्ष्य पूरा हो सके। तीनों जिलों के विधायकों को भी कार्ययोजना की प्रति दी जाए। वे भी अपने क्षेत्र में जेई/एईएस के लिए अति संवेदनशील गांवों में विभागीय अधिकारियों के साथ जाएं तथा लोगों को बचाव के तरीकों के बारे में बताएं। स्वच्छ पेयजल हेतु इंडिया मार्कहैंड पंप का प्रयोग करने व शौचालय के प्रयोग के लिए प्रेरित करें।
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उन्होंने कहा कि जेई/एईएस के लिए बस्ती में 25, संतकबीरनगर 29 एवं सिद्धार्थनगर में 64 गांव संवेदनशील चिह्नित हैं। सिद्धार्थनगर में जेई/एईएस के मरीजों की संख्या में पिछले वर्ष की तुलना में अधिक अंतर पाए जाने पर मंत्री ने जेडी स्वास्थ्य को वहां कैंप करने तथा सभी 64 गांव में निरोधात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। कहा कि बुखार के इलाज के लिए बस्ती तथा सिद्धार्थनगर में डॉक्टरों का प्रशिक्षण कराया जाएगा। संतकबीरनगर में यह प्रशिक्षण हो गया है। किसी भी बुखार के मरीज की सूचना मिलने पर 108 एंबुलेंस तत्काल उसे लेकर नजदीक सीएचसी/पीएचसी पहुंचाएगी। निर्देश दिया कि बुखार के मरीज को उच्च अस्पताल को रेफर करने में कत्तई विलंब न किया जाए। यदि जिला अस्पताल में केस रेफर होकर आता है तो सीएमएस इसकी सूचना तत्काल डीएम को देंगे। स्वास्थ्य मंत्री ने निर्देश दिए है कि किसी क्षेत्र विशेष से किसी बीमारी के मरीज अधिक संख्या में आ रहे हैं तो उस क्षेत्र का भ्रमण करें और वहां की परिस्थितियों का अध्ययन करें। निदान की कार्रवाई कराएं। यदि किसी अन्य विभाग से कार्रवाई होनी हो तो उसे डीएम के संज्ञान में लाएं। अपर निदेशक स्वास्थ्य डॉ. रंगजी द्विवेदी ने कार्यक्रम का संचालन किया।
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