संगठन की मजबूती पर चर्चा, तय हुई समयबद्ध जिम्मेदारी
कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष ने पदाधिकारियों को लोगों की समस्याओं का निदान कराने की दी नसीहत
संवाद न्यूज एजेंसी
बस्ती। कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने रविवार को शहर के एक होटल में पार्टी पदाधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में संगठन की मजबूती के लिए पदाधिकारियों की समयबद्ध जिम्मेदारी भी उन्होंने तय की।
प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि सूबे में कांग्रेस तेजी से अपना जनाधार मजबूत कर रही है। ऐसे में संगठन के सभी पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि वे आम लोगों के साथ जुड़कर उनकी समस्याओं का समाधान करें। प्रदेश सचिव देवेंद्र श्रीवास्तव की ओर से आयोजित बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष वीरेंद्र चौधरी ने कहा कि कांग्रेस पदाधिकारियों को अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाना होगा, वरना उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा। आम जन की समस्याओं को जोरदार ढंग से उठाने में कोई कसर न छोड़ें। महासचिव विश्वविजय सिंह ने कहा कि पार्टी नेतृत्व उत्तरदायित्व चाहता है, जिसे कार्यकर्ता सुनिश्चित करें, जिससे कांग्रेस को नई ऊर्जा मिले। बैठक में काजी सुहेल, राजकुमार सिंह विश्वनाथ चौधरी आदि ने अपने विचार रखे। इस मौके पर पूर्व विधायक अंबिका सिंह, डॉ. दीपेंद्र सिंह, राम जियावन, सुरेंद्र मिश्र, जिला युवक कांग्रेस अध्यक्ष आदित्य त्रिपाठी, डॉ. वाहिद सिद्दीकी, वार्ड सदस्य कम्मो, सिद्दीक, अमित सिंह, कल्लन, महेंद्र आदि मौजूद रहे।
हाथरस की घटना पर सरकार ने साधी चुप्पी : लल्लू
पत्रकारों से बातचीत में प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू ने कहा कि हाथरस की घटना पर सरकार की चुप्पी बेहद संवेदनशील है। सरकार ने इस मामले में सीबीआई जांच की घोषणा तो की, मगर जांच अब तक शुरू नहीं हो सकी है। यह कोई पहली घटना नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस पुलिस का काम अराजकता रोकना है उसका प्रयोग सरकार अराजकता कराने के लिए कर रही है। सरकार की संवेदनहीनता तो उस समय उजागर हो गई थी, जबकि कोरोना के बाद तमाम प्रवासी अपने वतन लौट रहे थे, मगर उनका कोई पुरसाहाल नहीं था। सड़क पर ही कई लोगों ने दम तोड़ दिया लेकिन सरकार के माथे पर जरा सी सिकन तक नहीं आई। बसपा पर तीखी टिप्पणी करते हुए कहा कि मायावती दलित उत्पीड़न के मामलों में किसी के दरवाजे तक नहीं गईं हैं, जबकि वे खुद को दलितों का मसीहा बताती हैं। वहीं प्रियंका गांधी उत्पीड़न की घटनाओं में आम लोगों के साथ खड़ी हो जाती हैं।