कोरोना से बचाव के लिए गर्भवती भी लगवा सकती हैं टीका
बस्ती। गर्भधारण के बाद कोविड के हालांकि यहां छिटपुट ही मामले सामने आए थे, मगर अब उनकी सुरक्षा के लिए नेशनल एक्सपर्ट ग्रूप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फॉर कोविड-19 ने टीकाकरण के लिए मंजूरी दे दी है। इससे पहले अन्य लोगों के साथ दूध पिलाने वाली माताओं को भी टीका लगाने को हरी झंडी संस्था ने दी थी।
एक्सपर्ट ग्रुप की सिफारिश के अनुसार, कोविड मरीज को ठीक हो जाने के तीन माह बाद ही कोरोना रोधी टीका लगाया जाएगा। अगर उसने पहली डोज लगवा ली है तो उसे दूसरी डोज तीन महीने बाद लगेगी। प्रभारी सीएमओ व जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. फखरेयार हुसैन ने बताया कि नेशनल एक्सपर्ट ग्रुप ऑन वैक्सीन एडमिनिस्ट्रेशन फार कोविड- 19 तमाम तथ्यों को खंगालने के बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचा है कि गर्भ धारण के बाद महिलाएं कोरोना सुरक्षा के लिए टीकाकरण करा सकती हैं।
बताया कि वैसे यहां करीब 13 गर्भवती के कोविड संक्रमित होने के मामले आए थे, मगर उसमें से किसी की मौत नहीं हुई। सभी सुरक्षित हैं। डॉ. हुसैन की मानें तो इस निर्देश के बाद से गर्भवती महिलाएं भी टीकाकरण का लाभ पा रही हैं। वैसे संस्था ने पहले दूध पिलाने वाली माताओं को टीकाकरण से प्रतिरक्षित किए जाने को हरी झंडी दी थी। कहा कि यदि किसी ने कोविड से बचाव का टीका लगवाया है तो टीका लगवाने के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकता है। इसी के साथ अगर कोई भी कोविड मरीज निगेटिव होने के 14 दिन बाद रक्तदान कर सकता है, मगर उसकी आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव होनी चाहिए।