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Basti News: शहर से गांव तक बिजली आपूर्ति व्यवस्था लड़खड़ाई, रोजाना चार घंटे अघोषित कटाैती

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गांधीनगर में दिन में बिजली न होने से दुकानदार परेशान संवाद
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बस्ती। उमस और भीषण गर्मी के बीच जिले की बदहाल बिजली व्यवस्था लोगों के लिए बड़ी परेशानी बन गई है। शहर में रोजाना तीन से चार घंटे की अघोषित कटौती और लगातार ट्रिपिंग से उपभोक्ता परेशान हैं। जबकि ग्रामीण क्षेत्रों में तकनीकी खराबी, ओवरलोडिंग और फॉल्ट के चलते कई-कई घंटे तक बिजली आपूर्ति ठप रही।
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शहर में बिजली संकट लगातार गहराता जा रहा है। मंगलवार को रात में अमहट गांधीनगर क्षेत्र में 33 केवी लाइन में खराबी से करीब 30 हजार उपभोक्ता प्रभावित हुए। वहीं मालवीय रोड उपकेंद्र पर सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक बिजली गुल रहने से 10 हजार से अधिक उपभोक्ता परेशान रहे। बुधवार सुबह से लेकर शाम तक ट्रिपिंग और फॉल्ट के चलते हर 20 मिनट में कटौती होती रही।
शहर के मोहल्ला कंपनीबाग, महरीखांवा, बभनगांवा और तुर्कहिया, गांधीनगर, आवास विकास में मंगलवार रात नौ बजे से करीब 11 बजे बिजली आपूर्ति ठप हो गई। करीब दो घंटे तक लोग उमस भरी गर्मी में परेशान रहे। लोगों ने अधिशासी अभियंता से शिकायत की, इसके बाद आपूर्ति बहाल हो सकी।
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शहर के कई और इलाकों में भी बार-बार ट्रिपिंग होती रही। इसी प्रकार सोमवार रात भी इसी फीडर पर दो घंटे अघोषित कटौती की गई थी। गांधीनगर के व्यापारियों ने बताया कि दिन में बिजली कटौती से ग्राहक नहीं आ रहे हैं, इससे दुकानदारी प्रभावित हो रही है।
सर्वाधिक समस्या गांधीनगर फीडर पर है। उपभोक्ताओं का आरोप है कि उपकेंद्र के जेई और पावर हाउस का सीयूजी नंबर रिसीव नहीं होता। वहीं मालवीय रोड फीडर पर सुबह 10 बजे से शाम चार बजे तक बिजनेस प्लान के तहत कार्य चल रहा, इससे उपभोक्ता गर्मी से बेहाल होकर बिलबिला रहे हैं।
हल्की हवा और रिमझिम बारिश में भी कटौती : भीषण गर्मी और उमस के बीच हल्की हवा चली या बारिश हुई तो बिजली काट दी जाती है। इसके बाद लोग घंटों बिजली के इंतजार में पसीना बहाते हैं।
जिले के अधिकांश क्षेत्रों में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दीं। कहीं दो घंटे तो कहीं छह घंटे तक आपूर्ति बाधित रही। पंखे और कूलर बंद होने से लोगों को पूरी रात जागकर गुजारनी पड़ी। सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, छोटे बच्चों और बीमार लोगों को हुई।
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